AIFF का बड़ा फैसला! अब 'All India Football Federation' नहीं, 'Football Federation of Bharat' होगा नाम

Published : Jun 20, 2026, 06:27 PM IST
AIFF का बड़ा फैसला! अब 'All India Football Federation' नहीं, 'Football Federation of Bharat' होगा नाम

सार

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) का नाम अब 'फुटबॉल फेडरेशन ऑफ भारत' होगा। 2026-27 का ISL सीजन 4 सितंबर से 14 टीमों के साथ शुरू होगा। कमर्शियल राइट्स विवाद के बाद अगले 2 साल क्लब-नेतृत्व वाला मॉडल ही चलेगा।

नई दिल्ली: वर्ल्ड कप के खुमार के बीच ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने एक बड़ा ऐलान किया है। फेडरेशन ने अपना नाम बदलकर 'फुटबॉल फेडरेशन ऑफ भारत' करने का फैसला किया है। शनिवार को हुई फेडरेशन की स्पेशल जनरल बॉडी मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

अब फेडरेशन इस प्रस्ताव को केंद्रीय खेल मंत्रालय के पास भेजेगा। फेडरेशन के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने न्यूज़ एजेंसी PTI को बताया कि खेल मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद ही नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने कहा, "यह एक लंबी प्रक्रिया है, जिसकी आज आधिकारिक तौर पर शुरुआत हो गई है। अगर मंत्रालय इसे मंजूरी देता है, तो हम इसे फिर से जनरल बॉडी में लाएंगे और फिर आखिरी मंजूरी के लिए FIFA के पास भेजेंगे।"

चौबे ने तुर्की (Turkey से Turkiye) और चेक रिपब्लिक (Czechia) जैसे देशों का उदाहरण भी दिया, जिन्होंने अपने फुटबॉल संघों के नाम बदले हैं।

ISL का सीजन 4 सितंबर से

नाम बदलने के अलावा, मीटिंग में भारतीय फुटबॉल से जुड़े कुछ और अहम फैसले भी लिए गए। आने वाले 2026-27 सीजन का इंडियन सुपर लीग (ISL) 4 सितंबर से शुरू होगा। इस बार 14 टीमें हिस्सा लेंगी और यह टूर्नामेंट पूरे 7 महीने तक चलेगा, जिसमें होम और अवे मैच होंगे।

ISL के नए स्ट्रक्चर पर आखिरी फैसला एक मैनेजिंग कमेटी लेगी, जिसमें 5 क्लब प्रतिनिधि, 3 AIFF अधिकारी और 3 कमर्शियल पार्टनर शामिल होंगे। इसके अलावा, 'नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट, 2025' के तहत फेडरेशन के संविधान में सुधार करने को भी मंजूरी दी गई।

कमर्शियल राइट्स को लेकर तकरार

इस साल की शुरुआत में AIFF ने कमर्शियल राइट्स के लिए टेंडर निकाला था, जिसे लंदन की कंपनी 'जीनियस स्पोर्ट्स' ने सबसे ऊंची बोली लगाकर जीता था। उन्होंने ISL और एक नए टूर्नामेंट के लिए 15+5 साल के लिए 2,129 करोड़ रुपये (लगभग 64 करोड़ रुपये सालाना) की पेशकश की थी। इस मॉडल के तहत AIFF को पहले साल 12।4 करोड़ रुपये मिलते।

लेकिन, ISL क्लब 'जीनियस स्पोर्ट्स' को कमर्शियल पार्टनर बनाने और एंट्री फीस देने के सख्त खिलाफ हैं। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ एक अहम बैठक के बाद, फेडरेशन फिलहाल अगले दो सालों के लिए क्लबों की अगुवाई वाले मॉडल पर ही ISL चलाने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है।

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