महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के मामले में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को जमानत

Published : Jul 20, 2023, 04:36 PM ISTUpdated : Jul 20, 2023, 05:47 PM IST
Brij Bhushan Sharan Singh

सार

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के मामले में मंगलवार को बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह व विनोद तोमर पेश हुए थे। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोनों को 20 जुलाई तक अंतरिम जमानत दी थी। 

नई दिल्ली। महिला पहलवानों के यौन शोषण केस के आरोपी बृजभूषण शरण सिंह को लेकर कोर्ट ने फैसला सुनाया है। जमानत पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को रेगुल जमानत दे दी है। राउज कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोनों को रेगुलर जमानत देने का फैसला सुनाया। यौन उत्पीड़न केस में दिल्ली पुलिस ने 15 जून को चार्जशीट दाखिल की थी।

कोर्ट ने 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलका पर दी जमानत

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कई पहलवानों की शिकायतों के आधार पर दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह और महासंघ के सहायक सचिव विनोद तोमर सिंह को नियमित जमानत दी है। अदालत ने दोनों को 25-25 हजार रुपये के निजी जमानत मुचलके पर जमानत दी है। अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए कई शर्तें लगाईं। कोर्ट ने कहा कि आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शिकायतकर्ताओं या गवाहों को प्रेरित नहीं करेंगे और अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे।

इजाजत के बिना देश नहीं छोड़ेंगे बृजभूषण

कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को आदेश दिया है कि वो कोर्ट की इजाजत के बिना देश नहीं छोड़ें। दस्तावेजों की जांच के लिए सुनवाई की अगली तारीख 28 जुलाई 2023 है।

मंगलवार को मिली थी अंतरिम बेल

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के मामले में मंगलवार को भी बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह व विनोद तोमर पेश हुए थे। तब कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह व तोमर की नियमित जमानत पर 20 जुलाई की तारीख मुकर्रर करने के साथ अंतरिम जमानत दे दी थी। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह ने बृजभूषण शरण को 25 हजार रुपये के निजी मुचलका पर राहत दी थी।

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के मामले में बृजभूषण शरण सिंह पर दो एफआईआर दर्ज है। एक एफआईआर नाबालिग महिला पहलवान ने दर्ज कराए थे लेकिन बाद में उसने अपनी शिकायत वापस ले ली थी। बीते 15 जून को दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह वगैरह के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। पुलिस ने नाबालिग के मामले में शिकायत वापसी के बाद पॉक्सो केस रद्द करने की भी अपील की थी। विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव के अनुसार आरोप पत्र आईपीसी की धारा 354, 354डी, 345ए और 506 (1) के तहत दायर किया गया था।

1000 पेज की चार्जशीट

दिल्ली पुलिस ने बीते 15 जून को कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। एक हजार से अधिक पेज वाले चार्जशीट में कम से कम 100 लोगों से पूछताछ व बयान दर्ज हैं। 15 वह गवाह हैं जिन्होंने पहलवानों के पक्ष में गवाही दी है। चार्जशीट में पहलवानों के दोस्तों व परिवारीजन के भी बयान शामिल किए गए हैं।

दरअसल, छह बार के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर कोर्ट के आदेश पर दो केस दर्ज किए गए थे। एक केस में यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी, पीछा करना, गलत तरीके से कैद करना सहित कई गंभीर आरोप हैं। जबकि दूसरे केस में पॉक्सो सहित अन्य आरोपों की धाराओं को दर्ज किया गया है। हालांकि, नाबालिग पहलवान द्वारा आरोप वापस लेने के बाद पुलिस ने कोर्ट से पॉक्सो खत्म करने का अनुरोध किया है। उधर, दिल्ली पुलिस ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने के बाद कहा कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने और उन्हें दंडित किए जाने के पर्याप्त सबूत पेश कर दिए गए हैं। कोर्ट ने सांसद बृजभूषण को 18 जुलाई को तलब किया था।

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