
न्यूयॉर्क: विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के बाद, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो (DR कॉन्गो) के कोच सेबेस्टियन डेसाब्रे के लिए एक और बुरी खबर आई। मैच के बाद चल रही प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें लाइव अपने पिता की मौत की खबर मिली। यह पल विश्व कप प्रेस कॉन्फ्रेंस के सबसे भावुक पलों में से एक बन गया।
मैच में हार की निराशा के बावजूद डेसाब्रे पत्रकारों के सवालों का शांति से जवाब दे रहे थे। तभी प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में टीम के प्रेस ऑफिसर ने फ्रेंच में माइक पर ऐलान किया, "हम आप सबको धन्यवाद देते हैं, लेकिन हमें एक दुखद सूचना देनी है। हमारे कोच के पिता का निधन हो गया है। हमारी गहरी संवेदनाएं उनके साथ हैं।"
यह सुनते ही डेसाब्रे कुछ पलों के लिए एकदम सन्न रह गए। उन्होंने कैमरों के सामने अपनी भावनाओं को काबू में रखने की बहुत कोशिश की। फिर कांपती हुई आवाज में सिर्फ 'शुक्रिया' कहा और तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म करके वहां से उठ गए। खबरों के मुताबिक, वह खबर मिलते ही अपने देश लौटने के लिए एयरपोर्ट रवाना हो गए।
Sebastien Desabre, Congo manager and so far best of World Cup, learned just before game v England that his dad passed away.
Here press officer announcing it at the end of presser.
Desabre’s facial expression couldn’t be painted not even by Leonardo pic.twitter.com/GNVJhMFrQz— Tancredi Palmeri (@tancredipalmeri) July 2, 2026
भले ही डेसाब्रे का विश्व कप का सफर एक निजी त्रासदी के साथ खत्म हुआ, लेकिन 49 साल के इस फ्रांसीसी कोच ने कॉन्गो फुटबॉल में एक क्रांति ला दी है। 1974 के बाद (यानी 52 साल बाद) यह पहली बार था जब कॉन्गो ने विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था। डेसाब्रे की कोचिंग में ही टीम ने इस विश्व कप में अपना पहला गोल किया, पहली जीत दर्ज की और इतिहास में पहली बार नॉकआउट स्टेज तक पहुंची।
मैच में कॉन्गो के गोलकीपर लियोनेल म्पासी के शानदार बचाव को भी इस विश्व कप के बेहतरीन डिफेंसिव प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है। डेसाब्रे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, "हम निराश होने से कहीं ज्यादा गौरवान्वित हैं," और कॉन्गो का प्रदर्शन इस बात को सच साबित करता है।
नॉकआउट (राउंड ऑफ 32) मुकाबले में कॉन्गो ने मजबूत इंग्लैंड को जबरदस्त टक्कर दी। 7वें मिनट में गोल करके टीम ने 75वें मिनट तक 1-0 की बढ़त बनाए रखी थी। फुटबॉल जगत एक बड़े उलटफेर की उम्मीद कर रहा था, लेकिन तभी इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन विलेन बनकर सामने आए। उन्होंने 75वें मिनट में बराबरी का गोल और फिर 86वें मिनट में विजयी गोल दागकर इंग्लैंड को 2-1 से रोमांचक जीत दिला दी। इसके साथ ही कॉन्गो का विश्व कप का सपना प्री-क्वार्टर फाइनल से ठीक पहले खत्म हो गया।