
ज्यूरिख: फुटबॉल का सबसे बड़ा महाकुंभ, यानी वर्ल्ड कप, इस बार पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और धमाकेदार होने वाला है। इस बार टीमों की संख्या 36 से बढ़कर 48 हो गई है। और जब टीमें बढ़ी हैं, तो इनाम की रकम भी आसमान छू रही है। FIFA ने इस बार टीमों पर पैसों की ऐसी बारिश की है, जो आज तक कभी नहीं हुई। कुल मिलाकर 6,238.42 करोड़ रुपये की प्राइज मनी बांटी जाएगी।
अगर टीमों को तैयारी और दूसरे खर्चों के लिए दी जाने वाली रकम भी जोड़ लें, तो FIFA का कुल खर्च 7,400 करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा। जो टीम वर्ल्ड कप जीतेगी, उसे इनाम के तौर पर करीब 417.50 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह पिछली बार की चैंपियन अर्जेंटीना को मिली रकम से 76 करोड़ रुपये ज्यादा है। रनर-अप यानी दूसरे नंबर पर रहने वाली टीम की झोली में करीब 288 करोड़ रुपये आएंगे। वहीं, तीसरे नंबर की टीम को 254.675 करोड़ और चौथे नंबर की टीम को 237 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
इतना ही नहीं, क्वार्टर फाइनल और प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली टीमों की भी अच्छी-खासी कमाई होगी। वर्ल्ड कप में सिर्फ हिस्सा लेने वाली हर टीम को कम से कम 87.5 करोड़ रुपये तो मिलेंगे ही। यह रकम तैयारी के लिए मिलने वाले पैसे के अलावा है। इस बार का वर्ल्ड कप कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका में हो रहा है, जिसमें कुल 104 मैच खेले जाएंगे। मैचों की संख्या बढ़ने और तीन देशों से स्पॉन्सरशिप मिलने की वजह से FIFA की कमाई भी बढ़ी है, इसीलिए टीमों को मिलने वाले इनाम में भी यह बंपर बढ़ोतरी की गई है।
अब सवाल यह है कि क्या यह पैसा सीधे खिलाड़ियों को मिलता है? तो इसका जवाब है- नहीं। FIFA यह रकम सीधे प्लेयर्स के अकाउंट में नहीं भेजती। यह पैसा हर देश के फुटबॉल एसोसिएशन या फेडरेशन को दिया जाता है। फिर वो फेडरेशन इस रकम का इस्तेमाल खिलाड़ियों को बोनस देने, कोचिंग स्टाफ की सैलरी, ट्रैवल का खर्च उठाने और अपने देश में फुटबॉल को बढ़ावा देने जैसे कामों के लिए करती है।