
अर्जेंटीना के हेड कोच लियोनेल स्कालोनी ने लियोनेल मेसी के संन्यास की अटकलों पर साफ-साफ बात की है। उन्होंने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कब अलविदा कहना है, यह फैसला सिर्फ और सिर्फ मेसी का होगा। वर्ल्ड चैंपियन टीम 2026 के वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुटी है और कोच स्कालोनी का मानना है कि उनके कप्तान का भविष्य उनकी अपनी ज़िद और जीत की कभी न खत्म होने वाली भूख पर निर्भर करता है।
Diario Olé से बात करते हुए स्कालोनी ने उन चिंताओं को खारिज कर दिया कि मेसी अगले टूर्नामेंट से पहले रिटायर हो सकते हैं। इंटर मियामी का यह फॉरवर्ड अपने छठे वर्ल्ड कप में खेलने का रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। मैनेजर का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से खिलाड़ी पर निर्भर करता है। स्कालोनी ने समझाया, "वह तब तक खेलेंगे जब तक वह खेलना चाहेंगे, क्योंकि हम जानते हैं कि वह क्या हैं। यह कोई हैरानी की बात नहीं होगी कि वह अपना छठा वर्ल्ड कप खेलें।"
फुटबॉल की दुनिया में हर बड़ा खिताब जीतने के बावजूद, जिसमें हाल के सालों में चार अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफियां भी शामिल हैं, मेसी की जीत की आग कम नहीं हुई है। स्कालोनी ने बताया कि आठ बार के बैलन डी'ओर विजेता आज भी क्लब मैचों के दौरान छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाते हैं, जो बेहतर करने की उनकी प्यास का सबूत है। कोच ने आगे कहा, "वह लगातार बेस्ट बने हुए हैं क्योंकि वह हमेशा और ज्यादा चाहते हैं और यह दिखाते भी हैं।"
यही जुनून मेसी को कभी संतुष्ट नहीं होने देता और वह लगातार खुद को और अपनी टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रेरित करते हैं। स्कालोनी का मानना है कि दशकों के दबदबे के बाद भी यही मानसिक बढ़त उनके कप्तान को खेल के शिखर पर बनाए रखती है।
जब यह सवाल उठा कि 2026 के बड़े फॉर्मेट वाले वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना अपने इस दिग्गज खिलाड़ी के खेलने का समय कैसे मैनेज करेगा, तो स्कालोनी ने जोर देकर कहा कि हर फैसला आपसी बातचीत से होता है। उन्होंने अपने और मेसी के रिश्ते में सम्मान को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने कहा, "हमने जो भी फैसला लिया है, उस पर उनसे चर्चा की है। मेरा यहां बैठकर यह कहना बेकार है कि मैं फैसला करता हूं। उनके मामले में, और मुझे लगता है कि वह इसके हकदार हैं, मैं हमेशा उनसे बात करूंगा और पूछूंगा कि वह कैसे हैं, और फिर हम देखेंगे कि क्या हम किसी समझौते पर पहुंचते हैं।"
कोच ने यह भी बताया कि मेसी का प्रभाव सिर्फ उनके खेल तक सीमित नहीं है। मुश्किल समय में भी, मैदान पर सिर्फ उनकी मौजूदगी ही टीम के साथियों में आत्मविश्वास और प्रेरणा भर देती है। स्कालोनी ने कहा, "कई बार तो यह और भी अच्छा होता है कि वह मुश्किल में हों, क्योंकि वह जो कुछ भी पैदा करते हैं, वह कमाल का होता है।"
Lionel Messi बचपन में ग्रोथ हार्मोन की कमी (Growth Hormone Deficiency) से जूझ रहे थे। उनके इलाज का खर्च बहुत ज्यादा था, जिसे उनका परिवार नहीं उठा पा रहा था। बाद में FC Barcelona ने उनके इलाज का खर्च उठाया, जिसके बाद उनका फुटबॉल करियर आगे बढ़ सका।
जब बार्सिलोना के स्काउट्स मेसी की प्रतिभा से प्रभावित हुए, तो क्लब के अधिकारी Carles Rexach ने एक रेस्तरां में नैपकिन पेपर पर ही मेसी को साइन करने का वादा लिख दिया था। यह फुटबॉल इतिहास के सबसे मशहूर "नैपकिन कॉन्ट्रैक्ट" में से एक माना जाता है।
मेसी अर्जेंटीना में पैदा हुए थे, लेकिन लंबे समय तक स्पेन में रहने के कारण उन्हें स्पेन की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का मौका भी मिला था। हालांकि उन्होंने अपने देश अर्जेंटीना का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया।
मेसी लिखते दाएं हाथ से हैं, लेकिन फुटबॉल में उनका प्रमुख पैर बायां (Left Foot) है। दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में गिने जाने वाले मेसी की ज्यादातर यादगार गोल और असिस्ट उनके बाएं पैर से आए हैं।
2005 में अर्जेंटीना के लिए डेब्यू करते समय मेसी मैदान पर आए, लेकिन सिर्फ 47 सेकंड बाद ही रेड कार्ड दिखाकर बाहर भेज दिए गए। यह अंतरराष्ट्रीय करियर की बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाली शुरुआत थी।