
Cricket ka Sabse Chhota Player: क्रिकेट में खिलाड़ियों के कद को लेकर चर्चा कोई नई बात नहीं है। तेज गेंदबाजों के लिए लंबा कद, ऊंचा रिलीज पॉइंट और अतिरिक्त बाउंस अक्सर बड़ा फायदा माना जाता है। वहीं विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी में फुर्ती, तकनीक और रिफ्लेक्स को ज्यादा अहमियत दी जाती है। लेकिन क्रिकेट का इतिहास बताता है कि मैदान पर कामयाबी सिर्फ कद से तय नहीं होती।
‘लंबू जी’ और ‘टिंगू जी’ जैसे मजाकिया संबोधनों के पीछे भी क्रिकेट की यही दिलचस्प विविधता दिखाई देती है। एक तरफ बेहद छोटे कद का खिलाड़ी अपनी फुर्ती से पहचान बनाता है, तो दूसरी ओर असाधारण लंबाई वाला गेंदबाज अपनी ऊंचाई को हथियार बना लेता है। क्रिकेट में इन दोनों छोरों की कहानी Kruger van Wyk और Mohammad Irfan के जरिए देखी जा सकती है।
दक्षिण अफ्रीका में जन्मे Kruger van Wyk ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत वहीं की, लेकिन बेहतर अवसरों की तलाश उन्हें न्यूजीलैंड तक ले गई। घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद दक्षिण अफ्रीका में Mark Boucher जैसे दिग्गज विकेटकीपर की मौजूदगी के कारण उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना आसान नहीं था।
न्यूजीलैंड जाने के बाद उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मौका मिला। 2012 में उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया। विकेट के पीछे खड़े होने पर उनका छोटा कद जरूर अलग नजर आता था, लेकिन उनकी फुर्ती, विकेटकीपिंग तकनीक और बल्लेबाजी ने इस कमी को कभी उनकी पहचान नहीं बनने दिया। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए 9 टेस्ट मैच खेले और 31 से अधिक की औसत से रन बनाए। उनका करियर इस बात की मिसाल रहा कि विकेटकीपर के लिए लंबाई से कहीं ज्यादा जरूरी तेज रिफ्लेक्स, तकनीक और परिस्थितियों को समझने की क्षमता होती है।
अगर Kruger van Wyk छोटे कद के लिए चर्चा में रहे, तो पाकिस्तान के Mohammad Irfan ने अपनी असाधारण लंबाई से क्रिकेट की दुनिया का ध्यान खींचा। लगभग 7 फीट 1 इंच लंबे Irfan को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे लंबे खिलाड़ियों में गिना जाता है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के तौर पर उनकी लंबाई उनके लिए बड़ी ताकत बनी। ऊंचे रिलीज पॉइंट से गेंद छोड़ने के कारण उन्हें पिच से अतिरिक्त उछाल हासिल करने में मदद मिलती थी।
बल्लेबाजों के लिए Irfan की गेंद का सामना करना इसलिए भी चुनौतीपूर्ण होता था क्योंकि उनकी ऊंचाई और रिलीज पॉइंट गेंद के आने के कोण को अलग बना देते थे। लंबे रन-अप के बाद तेज गति से आती उछाल लेती गेंदें उनकी खास पहचान बनीं।
Mohammad Irfan की कहानी सिर्फ उनके कद की वजह से खास नहीं है। क्रिकेट में पहचान बनाने से पहले उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। एक समय वह रोज़गार के लिए पाइप फैक्ट्री में काम करते थे। उनकी प्रतिभा को पहचान मिलने के बाद उनके करियर ने नया मोड़ लिया और वह पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे। उन्होंने पाकिस्तान के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट खेला।
उनकी असाधारण लंबाई शुरुआत में भले ही चर्चा का विषय रही हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टिके रहने के लिए उन्होंने अपनी ऊंचाई को गेंदबाजी की रणनीति में बदल दिया। यही वजह रही कि वह लंबे समय तक अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे।
Kruger van Wyk और Mohammad Irfan क्रिकेट के दो बिल्कुल अलग छोरों को दिखाते हैं। एक खिलाड़ी का छोटा कद उसकी पहचान बना, जबकि दूसरे की असाधारण लंबाई उसकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
Van Wyk ने दिखाया कि विकेटकीपिंग में फुर्ती और तकनीक कद की कमी को पीछे छोड़ सकती है। वहीं Irfan ने साबित किया कि अगर किसी शारीरिक विशेषता का सही इस्तेमाल किया जाए, तो वही आपकी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत बन सकती है। क्रिकेट का असली सबक भी यही है- मैदान पर खिलाड़ी की लंबाई नहीं, बल्कि उसका हुनर, अनुशासन, तकनीक और लगातार प्रदर्शन उसकी पहचान तय करता है।