Cristiano Ronaldo: रिकॉर्ड्स अपनी जगह हैं, लेकिन कुछ खास मैचों और उपलब्धियों ने पुर्तगाल की जर्सी में क्रिस्टियानो रोनाल्डो के करियर को सबसे ज्यादा महान बनाया है।
पुर्तगाल ने फाइनल में मेजबान फ्रांस को 1-0 से हराकर अपना पहला बड़ा इंटरनेशनल खिताब जीता था। घुटने की चोट के कारण रोनाल्डो को फर्स्ट हाफ में ही मैदान से बाहर जाना पड़ा था। इसके बावजूद वह टचलाइन से अपनी टीम का हौसला बढ़ाते रहे।
इस जीत ने उनके इंटरनेशनल करियर का सबसे बड़ा सपना पूरा कर दिया। यह पुर्तगाल के साथ उनके सफर की सबसे यादगार तस्वीर है।
25
2018 वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ हैट्रिक
2018 फीफा वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ पुर्तगाल को जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब रोनाल्डो ने अपना बेस्ट गेम दिखाया।
इस रोमांचक 3-3 ड्रॉ में पुर्तगाल के तीनों गोल रोनाल्डो ने ही दागे। 88वें मिनट में उन्होंने टॉप कॉर्नर पर एक शानदार फ्री-किक मारकर अपनी हैट्रिक पूरी की।
फुटबॉल की सबसे मजबूत टीमों में से एक के खिलाफ रोनाल्डो ने अकेले दम पर पुर्तगाल को हारने से बचा लिया।
35
2014 वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए स्वीडन को हराना
स्वीडन के खिलाफ 2013 का प्लेऑफ मैच रोनाल्डो के सबसे बेहतरीन इंटरनेशनल मैचों में गिना जाता है।
वर्ल्ड कप में जगह दांव पर थी और सामने ज्लाटन इब्राहिमोविच जैसे स्टार थे। रोनाल्डो ने दबाव में शानदार खेल दिखाते हुए सेकेंड लेग में हैट्रिक लगाई और टीम को 3-2 से जीत दिलाई। पुर्तगाल ने एग्रीगेट स्कोर 4-2 से क्वालिफाई किया।
इस मैच ने साबित कर दिया कि रोनाल्डो अकेले दम पर बड़े मैच जिता सकते हैं।
रोनाल्डो ने 2019 में पुर्तगाल को पहला यूईएफए नेशंस लीग खिताब जिताकर एक और इंटरनेशनल ट्रॉफी अपने नाम की।
कप्तान ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया। सेमीफाइनल में स्विट्जरलैंड के खिलाफ उनकी हैट्रिक सबसे खास रही। पुर्तगाल ने ट्रॉफी उठाई और रोनाल्डो को देश के साथ अपना दूसरा बड़ा खिताब मिला। बाद में उन्होंने 2025 में एक और नेशंस लीग खिताब जीता।
55
इंटरनेशनल फुटबॉल के रिकॉर्ड्स को फिर से लिखना
रोनाल्डो ने अपने लंबे करियर में ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं जो सालों तक कायम रहेंगे।
उन्होंने पुर्तगाल के लिए 234 मैचों में 146 इंटरनेशनल गोल दागे और रिटायरमेंट लिया। ये दोनों ही मेंस फुटबॉल के वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं। वह पांच फीफा वर्ल्ड कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बने और बाद में इसे छह वर्ल्ड कप तक पहुंचा दिया। उनका इंटरनेशनल करियर 2003 से 2026 तक चला। इस दौरान वह एक युवा खिलाड़ी से पुर्तगाल के सबसे महान फुटबॉलर बन गए।