
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गोंडा में 6 से 8 जून तक हुई अंडर-17 नेशनल ओपन कुश्ती चैंपियनशिप से 500 पहलवानों को बाहर निकाल दिया गया। वजह थी उम्र में हेराफेरी। उम्र में होने वाली इस गड़बड़ी को रोकने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने आधार कार्ड से वेरिफिकेशन शुरू किया है। इसी वजह से गलत डॉक्यूमेंट्स देकर खेलने आए पहलवानों को पकड़ना आसान हो गया।
इस टूर्नामेंट के लिए करीब 1200 पहलवानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। सभी पहलवानों के लिए अपना जन्म प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी था। डॉक्यूमेंट्स की जांच के दौरान, पहलवानों से उनका मोबाइल नंबर से लिंक आधार कार्ड मांगा गया। फिर आधार ऐप के जरिए OTP से पुष्टि करने को कहा गया। आधार कार्ड में जन्म की तारीख, पता या मोबाइल नंबर जैसा कोई भी डेटा बदलने पर ऐप में इसका रिकॉर्ड रहता है। इसी प्रक्रिया के दौरान, पुरुष फ्रीस्टाइल में करीब 325, ग्रीको-रोमन में 125 और महिला फ्रीस्टाइल में 50 पहलवानों के डॉक्यूमेंट्स फर्जी पाए गए।
WFI के अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया, "एक पहलवान ने जो जन्म प्रमाण पत्र दिया, उसमें उसका जन्म 2007 में दिल्ली में हुआ था। लेकिन आधार रिकॉर्ड से पता चला कि वह 2004 में हरियाणा में पैदा हुआ था।" इस तरह कई पहलवानों ने अपनी असली उम्र छिपाकर टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की कोशिश की थी। जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड में जन्म की तारीख अलग-अलग होने की वजह से इन 500 पहलवानों को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया।
नई दिल्ली: चौथे ग्लोबल चेस लीग की मेजबानी बेंगलुरु को मिली है। आयोजकों ने बताया कि टीमों के फॉर्मेट में होने वाला यह टूर्नामेंट 3 सितंबर से शुरू होगा। पिछले सीजन में विश्वनाथन आनंद, डी. गुकेश और आर. प्रज्ञानानंद जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हुए थे। इस साल भी टॉप खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।