
Jaismine Lamboria CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए एक और बड़ी खुशखबरी आई। हरियाणा की स्टार बॉक्सर जैस्मिन लांबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में शानदार जीत दर्ज कर देश को सातवां गोल्ड मेडल दिला दिया। उन्होंने फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की अनुभवी बॉक्सर मिकाएला वॉल्श को हराकर गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत के गोल्ड मेडल की संख्या बढ़कर 7 हो गई, जबकि कुल पदक 27 पहुंच गए। आइए जानते हैं गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर की पूरी कहानी...
जैस्मिन लांबोरिया हरियाणा के भिवानी जिले की रहने वाली हैं। भिवानी को भारत में 'बॉक्सिंग की नर्सरी' भी कहा जाता है। जैस्मिन ऐसे परिवार से आती हैं, जहां बॉक्सिंग सिर्फ खेल नहीं बल्कि विरासत है। वह एशियाई खेलों के गोल्ड मेडलिस्ट रहे दिग्गज बॉक्सर हवा सिंह की परपोती हैं। उनके परिवार के कई सदस्य बॉक्सिंग से जुड़े रहे हैं। यही वजह रही कि बचपन से ही उनका रुझान रिंग की ओर हो गया।
जैस्मिन ने अपने चाचाओं से बॉक्सिंग की शुरुआती ट्रेनिंग ली। कम उम्र में ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना ली। उनकी मेहनत रंग लाई और देखते ही देखते वह भारत की सबसे भरोसेमंद महिला मुक्केबाजों में शामिल हो गईं।
जैस्मिन ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था। चार साल बाद उन्होंने उसी प्रदर्शन को और बेहतर बनाया। इस बार उन्होंने फाइनल जीतकर ब्रॉन्ज को गोल्ड में बदल दिया। यह जीत उनके करियर का सबसे बड़ा मुकाम मानी जा रही है।
#WATCH | Glasgow, Scotland: Indian boxer Jaismine Lamboria clinched the gold medal in the Women's 57kg category at the Commonwealth Games
She says, "I am feeling very good...I dedicate this medal to the entire nation, coaches, family..." pic.twitter.com/z4H5shD1tg— ANI (@ANI) August 1, 2026
हर खिलाड़ी की जिंदगी में मुश्किल समय आता है। जैस्मिन के लिए वह समय पेरिस ओलंपिक था, जहां उन्हें उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती पर फिर से काम किया। लगातार मेहनत का नतीजा यह रहा कि पहले वह वर्ल्ड चैंपियन बनीं और अब कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर दुनिया को अपना दम दिखा दिया।
जैस्मिन सिर्फ कॉमनवेल्थ चैंपियन ही नहीं हैं। 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड, वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में गोल्ड, 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व, 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज और अब CWG 2026 में गोल्ड जीता है। इन उपलब्धियों के दम पर वह 57 किलोग्राम वर्ग की दुनिया की टॉप बॉक्सरों में गिनी जाती हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के बाद जैस्मिन ने एक और इतिहास रच दिया था। वह भारतीय सेना में शामिल होने वाली पहली महिला बॉक्सर बनीं थी। उन्हें कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस (CMP) में जगह मिली थी। इसके बाद उन्होंने सेना के मिशन ओलंपिक कार्यक्रम के तहत ट्रेनिंग ली, जिसने उनके खेल को नई ऊंचाई दी।
जैस्मिन कई इंटरव्यू में बता चुकी हैं कि वह महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की बहुत बड़ी फैन हैं। उनका कहना है कि धोनी का शांत स्वभाव और दबाव में सही फैसला लेने की क्षमता उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरित करती है। उनका मानना है कि मैदान पर हार-जीत से ज्यादा जरूरी दिमाग का शांत रहना होता है। वह हमेशा 'कैप्टन कूल' धोनी की तरह हर मुश्किल वक्त में सही फैसले लेना पसंद करती हैं।
जैस्मिन से ठीक पहले 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने भी कनाडा की खिलाड़ी को हराकर देश को गोल्ड दिलाया था। इन शानदार जीतों के साथ भारत के पास अब 7 गोल्ड समेत कुल 27 मेडल हो चुके हैं और मेडल टैली में भारत छठे स्थान पर पहुंच गया है। अच्छी खबर यह है कि सफर यहीं नहीं रुका है। आज रात भारत के 8 और धाकड़ बॉक्सर गोल्ड मेडल के लिए रिंग में उतरने वाले हैं, जिनमें लवलीना बोरगोहेन और अन्य नाम शामिल हैं।