
Sujeet Kalkal Biography: 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत को नया चेहरा मिल गया है। हरियाणा के इमलोटा गांव से निकले सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 में ऐसा कमबैक किया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। फाइनल में वह ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदियेव के खिलाफ 2-9 से पीछे थे, लेकिन आखिरी दौर में लगातार आठ अंक जुटाकर 10-9 से मुकाबला जीत लिया। इस गोल्ड के साथ सुजीत ने एशियन गेम्स में अपना पहला स्वर्ण तो जीता ही, भारत को भी 2026 खेलों में कुश्ती का पहला गोल्ड दिलाया। जानिए सुजीत कलकल की पर्सनल लाइफ, फैमिली और कुश्ती करियर की खास बातें।
सुजीत कलकल का जन्म 5 नवंबर 2002 को हरियाणा के चरखी दादरी जिले के इमलोटा गांव में हुआ। कुश्ती उनके लिए अचानक चुना गया खेल नहीं था। उनके पिता दयानंद कलकल खुद राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रहे हैं और उन्होंने बेटे को इस खेल की तरफ बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सुजीत ने गांव के एक पुराने अखाड़े से कुश्ती शुरू की। वहां सुविधाएं सीमित थीं और कोई औपचारिक रूप से अनुभवी कोच भी नहीं था। शुरुआती दौर में उन्हें जिला और राज्य स्तर पर हार का सामना करना पड़ा। 2021 में सोनपत जाने के बाद उनकी ट्रेनिंग का स्तर बदला। बेहतर पहलवानों और अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाले ट्रेनिंग पार्टनरों के साथ अभ्यास ने उनके खेल को तेजी से निखारा।
सुजीत कलकल ने कुश्ती के साथ अपनी पढ़ाई पर भी खास ध्यान दिया। उन्होंने 12वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए थे। पढ़ाई के दौरान उन्होंने JEE की तैयारी करने के बारे में भी सोचा, लेकिन बाद में उनका फोकस इंजीनियरिंग के बजाय कुश्ती पर हो गया। सुजीत को एहसास हुआ कि उनका असली करियर कुश्ती में है और इसके बाद उन्होंने खेल को ही पूरी तरह अपना लक्ष्य बना लिया।
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सुजीत के करियर का सबसे मुश्किल दौर 2024 में आया। एशियन ओलंपिक क्वालिफायर के लिए बिश्केक जाते समय फ्लाइट बाधित होने के कारण वह और दीपक पूनिया दुबई में फंस गए। बिश्केक पहुंचने में देरी हुई और सुजीत को मुकाबले में उतरने का मौका नहीं मिला। इसके बाद इस्तांबुल में हुए वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर में भी उन्हें निराशा मिली। ब्रॉन्ज मेडल बाउट में अमेरिकी पहलवान जेन रेटरफोर्ड से 2-2 की बराबरी के बावजूद वह तकनीकी मानदंड पर हार गए और पेरिस ओलंपिक का टिकट नहीं मिल सका।
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ओलंपिक की निराशा के बाद सुजीत ने शानदार वापसी की। 2025 में उन्होंने U23 एशियन चैंपियनशिप का 65 किग्रा खिताब जीता। इसके बाद सर्बिया में U23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड अपने नाम किया। फाइनल में उन्होंने उज्बेकिस्तान के उमिदजोन जलोलोव को 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया। इससे पहले उन्होंने पूर्व U23 वर्ल्ड चैंपियन बशीर मैगोमेदोव और जापान के पूर्व U20 वर्ल्ड चैंपियन यूटो निशिउची को भी मात दी थी।
सुजीत ने 2026 की शुरुआत Zagreb Open और Muhamet Malo Ranking Series में खिताब जीतकर की। इसके बाद उन्होंने बिश्केक में सीनियर एशियन चैंपियनशिप का 65 किग्रा गोल्ड भी जीता। इससे वह इस वजन वर्ग में भारत के सबसे अहम पहलवानों में शामिल हो गए। अब एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर सुजीत ने अपने सफर का एक और बड़ा अध्याय लिख दिया है। खास बात यह है कि कभी गांव के छोटे अखाड़े में अभ्यास करने वाला यह पहलवान अब एशिया के बड़े मंच पर 65 किग्रा वर्ग का चैंपियन बन चुका है। नीचे देखें सुजीत कलकल का जापान में चल रहे एशियन गेम्स में कुश्ती में जीत का वीडियो-
World No. 2 for a reason! 🤼♂️🇮🇳
Haryana's wrestling powerhouse Sujit Kalkal puts on an absolute masterclass on the global stage.
He storms into the Quarter-Finals of the Men's 65kg Freestyle category with a crushing 13-3 victory by Technical Superiority over Kazakhstan's Saiatbek… pic.twitter.com/smIRVKE92S— Anil Bansal (@dilseanilbansal) October 2, 2026