India boxing Asian Games: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का जलवा कायम है। अंकुश पंघाल ने 80 किलो भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। भारत ने अब तक 74 मेडल अपने नाम कर लिए हैं।
Ankush Panghal Gold Medal: एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार का दिन भारत के लिए पदकों से भरा रहा। बॉक्सिंग से लेकर तीरंदाजी, सेलिंग और सेपकटकरा तक भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग को हराकर गोल्ड मेडल जीता। उनके साथ परवीन हुड्डा और लवलीना बोरगोहेन ने भी अपने-अपने फाइनल में स्वर्ण पदक हासिल किए।
अंकुश पंघाल ने जीता 80 किग्रा का गोल्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अंकुश पंघाल ने फाइनल में किम मिन-सियोंग के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने शरीर पर सटीक राइट हुक और अपरकट लगाए, जबकि दक्षिण कोरियाई मुक्केबाज लगातार दूरी बनाकर काउंटर अटैक की कोशिश करते रहे।
अंकुश ने पहले राउंड में 4-1 की बढ़त बनाई। दूसरे राउंड में भी उनका दबदबा कायम रहा और उन्होंने 5-0 से यह राउंड अपने नाम किया। आखिरी राउंड में किम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने बॉडी शॉट्स और काउंटर पंच के जरिए बढ़त बनाए रखी। अंत में भारतीय मुक्केबाज को विजेता घोषित किया गया।
2018 के बाद पुरुष बॉक्सिंग में पहला गोल्ड
अंकुश की जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि वह 2018 में अमित पंघाल के बाद एशियन गेम्स में पुरुष बॉक्सिंग का गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बने। उनकी जीत के साथ भारत को बॉक्सिंग में दिन का तीसरा स्वर्ण पदक मिला।
परवीन हुड्डा की शानदार वापसी
महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में परवीन हुड्डा ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल में उन्होंने चीनी ताइपे की पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता चेन निएन-चिन को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराया। यह जीत परवीन के लिए खास रही। पिछले एशियन गेम्स में डोपिंग नियमों से जुड़े मामले के कारण उनका ब्रॉन्ज मेडल गंवाना पड़ा था। अब उन्होंने वापसी करते हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया।
जन्मदिन पर लवलीना ने जीता गोल्ड
लवलीना बोरगोहेन ने भी अपने 29वें जन्मदिन को यादगार बना दिया। महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। लवलीना एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बनीं। इससे पहले एमसी मैरी कॉम ने 2014 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
महिला रिकर्व टीम ने रचा इतिहास
तीरंदाजी में अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहड़ की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह एशियन गेम्स के इतिहास में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। 17 साल की कुमकुम ने फाइनल के निर्णायक पलों में शानदार निशाने लगाए और भारत की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई।
मिश्रित और पुरुष रिकर्व टीम को सिल्वर
कुमकुम मोहड़ और धीरज बोम्मादेवरा की भारतीय जोड़ी को मिश्रित रिकर्व फाइनल में चीन के झू जिंगयी और ली मेंगकी से 3-5 से हार मिली। इसके साथ दोनों को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वहीं, पुरुष रिकर्व टीम में धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप संजय भोगे और नीरज चौहान को दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल में 1-5 से हार मिली और भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल जीता।
सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने जीता ब्रॉन्ज
सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने महिलाओं के डिंगी इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। पहली रेस में खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने अगली रेस में शानदार वापसी की। नेत्रा और हांगकांग की स्टेफनी लुईस नॉर्टन के अंक बराबर रहे, लेकिन बेहतर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड के आधार पर भारतीय खिलाड़ी को कांस्य पदक मिला।
सेपकटकरा में भी भारत के खाते में कांस्य
भारत की पुरुष सेपकटकरा क्वाड्रेंट टीम को सेमीफाइनल में जापान के हाथों 0-2 से हार मिली। भारतीय टीम में मलेमंगानबा सिंह सोरोखैबम, राम कुमार शर्मा, बॉबी कुमार और आकाश युमनाम शामिल थे। सेमीफाइनल में हार के बावजूद टीम ने ब्रॉन्ज मेडल पक्का किया। एशियन गेम्स के सेपकटकरा इतिहास में भारत का यह तीसरा पदक है।
भारत की पदक तालिका में लगातार बढ़त
2 अक्टूबर को भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत हुई। दिन के अलग-अलग मुकाबलों के साथ भारत ने बॉक्सिंग, तीरंदाजी, सेलिंग और सेपकटकरा में कई पदक अपने नाम किए। ताजा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत के पदकों की संख्या लगातार बढ़ती रही और वह शीर्ष टीमों के बीच अपनी स्थिति बनाए हुए है।
