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Asian Games 2026: 85 मेडल के बाद उठे ये 5 बड़े सवाल, भारत के खेल सिस्टम की क्या है असली तस्वीर?
Asian Games 2026: भारत ने एशियन गेम्ल 2026 में कुल 85 मेडल जीते। इनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। 85 मेडल का आंकड़ा बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इस प्रदर्शन ने भारतीय खेलों को लेकर कुछ अहम सवाल भी खड़े किए हैं। आइए जानते हैं...

1. क्या युवा खिलाड़ियों पर लगाया गया दांव सही साबित हुआ?
इस बार भारत ने युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौका दिया। भारतीय दल में शामिल 501 खिलाड़ियों में से 310 खिलाड़ी पहली बार एशियन गेम्स में उतरे। इनमें से 83 खिलाड़ियों ने मेडल अपने नाम किए। यह आंकड़ा बताता है कि युवा खिलाड़ियों पर भरोसा करने की रणनीति काफी हद तक सफल रही। हालांकि, अब असली चुनौती इन खिलाड़ियों को आने वाले एशियन गेम्स और ओलंपिक के लिए लगातार तैयार करने की होगी।

2. क्या बड़े खिलाड़ियों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया?
भारत के कई मजबूत खेलों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन हर खेल से एक जैसा नतीजा नहीं मिला। तीरंदाजी भारत के लिए सबसे सफल खेलों में रही। टीम ने 9 मेडल जीते, जिसमें 5 गोल्ड शामिल हैं। बॉक्सिंग में 6 मेडल मिले, जिनमें 3 गोल्ड रहे। वहीं, शूटिंग ने 15 मेडल जीते, लेकिन इसमें सिर्फ 3 गोल्ड थे। एथलेटिक्स ने भारत को सबसे ज्यादा 24 मेडल दिलाए, लेकिन इनमें सिर्फ एक गोल्ड रहा। इससे साफ है कि भारत के पास मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उन्हें गोल्ड मेडल में बदलने की चुनौती अभी भी बनी हुई है।
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3. सरकार के निवेश का कितना फायदा मिला?
एशियन गेम्स की तैयारी के लिए सरकार ने 30 खेलों पर करीब 702.8 करोड़ रुपये खर्च किए। लेकिन अलग-अलग खेलों में खर्च और प्रदर्शन के बीच काफी अंतर देखने को मिला। इसलिए सवाल सिर्फ यह नहीं है कि खेलों पर कितना पैसा खर्च किया गया, बल्कि यह भी है कि उस निवेश से खिलाड़ियों को कितनी बेहतर कोचिंग, ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस, उपकरण और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिला।
4. क्या भारत सही समय पर टैलेंट की पहचान कर पा रहा है?
भारत में खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए TOPS Core, TOPS Development, TAGG और Khelo India जैसे कई कार्यक्रम हैं। इसके बावजूद एशियन गेम्स में कुमकुम मोहोड़ जैसी प्रतिभाएं भी सामने आईं, जो बड़े टारगेटेड ग्रुप का हिस्सा नहीं थीं और उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इससे पता चलता है कि देश में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि खिलाड़ियों की पहचान कम उम्र में हो और उन्हें सही समय पर बेहतर सुविधाएं और ट्रेनिंग मिले।
5. क्या भारत को ज्यादा खेलों में उतरने की जरूरत है?
एशियन गेम्स में कुल 43 खेलों में 469 मेडल इवेंट थे, जबकि भारत ने 36 खेलों में हिस्सा लिया। कई खेलों में भारत की मौजूदगी अभी भी सीमित है। हालांकि, सिर्फ ज्यादा खेलों में हिस्सा लेने से मेडल नहीं बढ़ेंगे। इसके लिए ऐसे खिलाड़ियों की संख्या बढ़ानी होगी, जो जरूरी क्वालिफिकेशन हासिल कर सकें और एशियाई स्तर पर पदक जीतने की क्षमता रखते हों। भारत का 85 मेडल जीतना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब लक्ष्य सिर्फ मेडल की संख्या बढ़ाना नहीं होना चाहिए। ज्यादा गोल्ड जीतना, नए खेलों में मजबूत होना और युवा खिलाड़ियों को लंबे समय तक तैयार करना अगली बड़ी चुनौती है।
एशियन गेम्स 2026 को लेकर सर्च किए जाने वाले सवाल
1. एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कितने मेडल जीते?
भारत ने कुल 85 मेडल जीते, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
2. भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 में सबसे सफल खेल कौन सा रहा?
तीरंदाजी ने 9 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड शामिल हैं।
3. एशियन गेम्स 2026 के बाद भारत की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
ज्यादा मेडल को गोल्ड में बदलना, नए खेलों में मजबूत होना और युवा प्रतिभाओं को लगातार तैयार करना बड़ी चुनौती है।