RJD मिटिंग की इनसाइड स्टोरीः लालू के सामने तेजस्वी ने कहा- अब और नहीं..., फिर आया ट्विस्ट

Published : Nov 18, 2025, 11:21 AM IST
Tejashwi Yadav

सार

चुनावी हार के बाद RJD की समीक्षा बैठक में तेजस्वी यादव फिर विधायक दल के नेता चुने गए। उन्होंने पद स्वीकारते हुए पार्टी में पारिवारिक हस्तक्षेप को खारिज कर दिया। लालू यादव ने भी तेजस्वी को भविष्य का नेता बताकर उनके निर्णय का समर्थन किया।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद राजद (RJD) के भीतर नेतृत्व, निर्णय और हस्तक्षेप को लेकर पहला बड़ा संदेश सामने आ गया है। सोमवार को पटना में आयोजित महागठबंधन की विस्तृत समीक्षा बैठक में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पहली बार स्पष्ट रूप से कहा कि वह पार्टी को परिवार आधारित हस्तक्षेप मॉडल में नहीं चलाना चाहते। बैठक में तेजस्वी ने दो टूक कहा, "मैं जिम्मेदारी स्वीकार करने को तैयार हूं, लेकिन पार्टी में परिवार का दखल अब बर्दाश्त नहीं होगा।" यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब रोहिणी आचार्य–संजय यादव–परिवारिक मतभेद की चर्चाएं लगातार सुर्खियों में हैं और पार्टी कैडर में भी असंतोष बढ़ रहा है।

बैठक की शुरुआत: तेजस्वी ने मना किया, लालू ने दबाव दिया

पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बंद कमरे की बैठक में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती सहित सभी वरिष्ठ विधायक व केंद्रीय पदाधिकारी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक, बैठक शुरू होते ही तेजस्वी यादव को फिर से विधायक दल का नेता बनाने का प्रस्ताव पास किया गया।

तेजस्वी ने तुरंत असहमति जताते हुए कहा, “मैं खुद को नेता के रूप में नहीं, कार्यकर्ता के तौर पर देखता हूं। मैं अभी कोई पद नहीं चाहता।” उनके इस जवाब से कुछ मिनट के लिए पूरा हॉल सन्नाटे में चला गया। लेकिन राजद प्रमुख लालू यादव ने इसे तुरंत खारिज करते हुए दोबारा प्रस्ताव रखा, और वहाँ मौजूद तमाम विधायकों ने हाथ खड़े कर समर्थन दिया। आखिरकार तेजस्वी को एक बार फिर RJD विधायक दल का नेता चुना गया।

फिर आया असली ट्विस्ट: तेजस्वी का सख्त बयान

नेतृत्व स्वीकार करने के बाद तेजस्वी ने स्पष्ट कहा, "मैं पद ले रहा हूँ, लेकिन पार्टी में परिवार आधारित दबाव और दखल अब स्वीकार नहीं करूंगा। निर्णय केवल संगठन के हित में होंगे।" कहा जा रहा है कि यह बयान सीधे तौर पर मीसा भारती, राबड़ी देवी और हाल के पारिवारिक विवादों की ओर संकेत था।

तेजस्वी के बयान के तुरंत बाद लालू यादव ने बैलेंसिंग ओवरऑल स्टेटमेंट दिया। उन्होंने कहा, “पार्टी और परिवार अलग रहेंगे। तेजस्वी ही वर्तमान और भविष्य के नेता हैं। पार्टी को कैसे चलाना है, इसका निर्णय वही करेंगे।” लालू ने यह भी कहा कि परिवार के झगड़े परिवार के भीतर ही खत्म होंगे, सार्वजनिक राजनीति पर उनका असर नहीं पड़ेगा। यह बयान राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण सिग्नल माना जा रहा है।

मीटिंग में क्या–क्या मुद्दे चर्चा में आए

बैठक में चुनावी प्रदर्शन का सीट–वार विश्लेषण, कम अंतर से हारी सीटों की रिपोर्ट, और EVM–बूथ डेटा गैप के सवालों पर भी चर्चा हुई। लालू ने निर्देश दिया कि अगर किसी के पास किसी भी अनियमितता या बूथ पैटर्न रिपोर्ट की जानकारी हो, तो वह सीधे संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचे।

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