
भोजपुरी सिनेमा में आज पवन सिंह का नाम किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं, आज बच्चा बच्चा उनका नाम जानता है। वह सिर्फ एक अभिनेता या गायक नहीं, बल्कि “पावर स्टार” हैं, जिनका नाम सुनते ही दर्शकों के बीच तालियों और सीटी की गूंज उठती है। फिल्मों के साथ-साथ वो अब राजनीति में भी सक्रिय हैं, जहां उनका सिक्का चलता है। लेकिन यह चमक-धमक वाला सफर हमेशा से इतना आसान नहीं था। पवन सिंह का बचपन संघर्ष, गरीबी और मुश्किलों से भरा हुआ रहा है।
पवन सिंह का बचपन बेहद गरीबी में बीता। घर की हालत ऐसी थी कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी आसान नहीं था। बचपन से ही उन्हें परिवार का बोझ उठाना पड़ा। बहुत छोटी उम्र में ही उन्होंने गाना गाना शुरू कर दिया ताकि परिवार का पेट भर सके। कई बार उन्हें नींद में ही जगाकर सभाओं में गाने के लिए ले जाया जाता। कभी-कभी तो थकान से उनकी आंखें बंद हो जाती थीं और उन्हें पानी डालकर जगाया जाता था।
पवन सिंह ने अपने करियर की शुरुआत अपने चाचा के साथ स्थानीय सभाओं और कार्यक्रमों में गाकर की। धीरे-धीरे उनका नाम गाँव-कस्बों में गूंजने लगा। लेकिन इंडस्ट्री में कदम रखने के बाद शुरुआती दो साल उन्होंने सिर्फ गाना गाकर गुजारे। फिल्मों में उनका चेहरा तब तक दर्शकों के सामने नहीं आया, लेकिन उनकी आवाज ने लोगों का दिल जीत लिया।
पवन सिंह का करियर उस वक्त नई ऊंचाई पर पहुंचा जब उनका गाना “लालीपॉप लागेलू” आया। यह गाना सिर्फ बिहार और यूपी ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी छा गया। लंदन, दुबई और अमेरिका तक के क्लबों में यह गाना बजा और पवन सिंह रातोंरात भोजपुरी सिनेमा के ग्लोबल स्टार बन गए।
पवन सिंह ने एक बार बचपन की यादों में बताया था कि उन्होंने अपने भाई के पर्स से 10 रुपये चुरा लिए थे। जब यह बात भाई को पता चली तो उनकी खूब पिटाई हुई। गुस्से और शर्म से वह घर छोड़कर रमना मैदान जाकर बैठ गए। लेकिन परिवार उन्हें ढूंढकर वापस ले आया। उस घटना के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और गाना जारी रखा।
आज पवन सिंह सिर्फ गायक ही नहीं, बल्कि सुपरहिट फिल्मों के अभिनेता भी हैं। उनकी एक फिल्म की फीस 40 से 45 लाख रुपये तक है। रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी नेटवर्थ 41 करोड़ रुपये से ज्यादा है। उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि बिना उनके गानों के शादी-ब्याह या कोई भी फंक्शन अधूरा माना जाता है।
पवन सिंह का नाम अब सिर्फ सिनेमा तक सीमित नहीं है। हाल ही में वह राजनीति में भी सक्रिय हुए हैं। 2024 का लोकसभा चुनाव उन्होंने निर्दलीय लड़ा था, वहीं अब विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर वो एनडीए से जुड़कर अपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। भोजपुर और शाहाबाद से लेकर पूरे बिहार में उनके फैनबेस को देखते हुए माना जा रहा है कि पवन सिंह की मौजूदगी चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित करेगी।
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