Chhattisgarh News : इस जिले में फ्री हो रही UPSC की कोचिंग, कई एग्जाम की तैयारी मुफ्त

Published : Oct 09, 2025, 05:00 PM IST
Ms Caralyn Khongwar Deshmukh

सार

Mawa Modol Coaching Centre : छत्तीसगढ़ के कांकेर में स्थानीय युवाओं को मुफ्त में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। आज यहां केंद्र सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री कैरेलिन खोंगवार देशमुख पहुंची। जिन्होंने इस पहल की तारीफ की।

Chhattisgarh News : भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सुश्री कैरेलिन खोंगवार देशमुख आज आकांक्षी जिला कांकेर पहुंची। उन्होंने यहां शुरू किए गए मावा मोदोल कोचिंग संस्थान और सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया। तदुपरांत वे ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण बाधितार्थ विशेष विद्यालय पहुंची जहां उन्होंने निःशक्त, मुक-बधिर बच्चों से बातचीत की।

कांकेर की सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन

भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने कांकेर की सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया और वहां आने वाले विद्यार्थियों से बातचीत की। कांकेर में स्थानीय युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण एवं स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने के उद्देश्य को लेकर यह सेंट्रल लाइब्रेरी बनाई गई है। इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों का अध्ययन करते हैं। अतिरिक्त सचिव ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने लाइब्रेरी के विजिटर्स रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए।

कैरियर गाइडेंस के लिए शुरू किया गया है मावा मोदोल कोचिंग

 जाकर विद्यार्थियों से चर्चा की। सुदूर आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर ढंग से तैयारी करने व कैरियर गाइडेंस देने के लिए इस कोचिंग संस्थान को शुरू किया गया है। कोचिंग संस्थान में कांकेर जिले के प्रतिभाशाली युवाओं को सीजी पीएससी, एसएससी, व्यापम सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने इसकी भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपीएससी, राज्य पीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पढ़ने की सुविधा देना जिले की प्रतिभाओं को गढ़ने का अच्छा प्रयास है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कांकेर के विद्यार्थियों का न सिर्फ प्रदेश की लोक सेवाओं में चयन हो, बल्कि वे अपनी मेहनत और संस्थान के मार्गदर्शन में देश और विदेशों में भी सेवाओं के जरिए अपनी पहचान स्थापित करें। सुश्री देशमुख ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से उनके भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।

अतिरिक्त सचिव ने मूक-बधिर विद्यार्थियों के बीच गुजारा समय

 कांकेर प्रवास के दौरान भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ग्राम कोदाभाट स्थित शासकीय श्रवण एवं दृष्टि बाधितार्थ विशेष विद्यालय भी पहुंचीं। यहां विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग विद्यार्थियों ने साइन लैंग्वेज से उनका स्वागत किया। इस दौरान दिव्यांग बच्चों ने स्वागत गीत गाया तथा खुद के द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स उन्हें भेंट की। यह विशेष विद्यालय 50 सीटर है। विद्यालय में बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित हैं तथा कुल 45 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें 33 श्रवण बाधित और 12 दृष्टिबाधित बच्चे सम्मिलित हैं। विशेष विद्यालय परिसर में सभी छात्रों के लिए निःशुल्क आवासीय एवं भोजन सुविधा उपलब्ध है। इस विद्यालय में निकट भविष्य में स्मार्ट क्लासेस शुरू करने की भी योजना है। अतिरिक्त सचिव सुश्री देशमुख ने यहां उपलब्ध साधनों एवं संसाधनों की सराहना करते हुए शिक्षा के साथ-साथ बच्चों की रूचि के अनुरूप विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण देने की बात भी कही, ताकि निः शक्त और दृष्टि तथा श्रवण बाधित बच्चे बड़े होकर आत्मनिर्भर बन सकें।

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