
मुख्यमंत्री ने बताया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के दौरान छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक चावल और चिकित्सकों की टीम भेजी गई थी। यह प्रदेशवासियों की गहरी आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों के इंतजार के बाद भगवान श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं, जो देश की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद काफी हद तक समाप्त हो चुका है। अब राज्य में शांति, विकास और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” यहां की संस्कृति और जीवन मूल्यों की सच्ची पहचान है।
कार्यक्रम में परमपूज्य वासुदेवनंद सरस्वती महाराज, किन्नर अखाड़ा प्रमुख मां टीना सहित कई संत-महात्मा मौजूद रहे। साथ ही सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, महंत श्री रामसुंदर दास, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
राघव सेवा समिति के प्रमुख डॉ. अशोक हरिवंश ने बताया कि यह स्थल माता शबरी की जन्मभूमि शिवरीनारायण में स्थित है, जहां ‘कलिंग शैली’ में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है।
आश्रम में औषधालय, वैदिक विद्यालय, गौ मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, गीता वाटिका और शबरी रसोई जैसी कई पहलें संचालित हो रही हैं। साथ ही निर्धन कन्या विवाह और दिव्यांगजन, रक्तदाता, कुष्ठ रोगी व प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विशेष दिवस भी आयोजित किए जा रहे हैं।
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