
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माता-पिता को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को घेरा है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक हताशा में मर्यादा की सीमाएं लांघने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से जनता के बीच उनकी लोकप्रियता कम नहीं होगी।
रेखा गुप्ता के मुताबिक, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को चुनावों में जनता से मिली अस्वीकृति की निराशा उनकी भाषा और व्यवहार में दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों लोगों का प्यार मिलता है। ऐसे में अपशब्दों के सहारे उन्हें लोगों के दिलों से निकालने की कोशिश सफल नहीं होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस, उसके नेताओं और सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर मर्यादा की सभी सीमाएं पार की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, तो कभी उनके दिवंगत माता-पिता को भी निशाना बनाया जाता है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि जनता प्रधानमंत्री से जुड़ाव महसूस करती है। उनके अनुसार, इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करके प्रधानमंत्री की छवि और लोगों के बीच उनके प्रति विश्वास को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने विपक्ष के रवैये को उसकी राजनीतिक निराशा से जोड़ते हुए कहा कि चुनावों में जनता का समर्थन नहीं मिलने की हताशा नेताओं के बयानों में झलक रही है।
कांग्रेस, कांग्रेस के नेता और इनके घटक दल इतने फ्रस्ट्रेट हो चुके हैं कि उन्होंने सारी सीमाएं लांघ दी हैं। जनता ने इन्हें जिस तरह नकारा है, उसकी हताशा इनके चेहरों पर भी दिखती है और जुबान पर भी दिखती है।
कभी प्रधानमंत्री जी को गालियां देते हैं, कभी उनके स्वर्गीय माता-पिता तक के बारे में अपशब्द बोलते हैं।
प्रधानमंत्री जी को जनता प्यार करती है। गाली-गलौज करके उन्हें करोड़ों देशवासियों के दिलों से कैसे निकालोगे?
जनता ने पहले भी आपको नकारा है। अब अगली बार इससे भी बुरी और करारी हार के लिए तैयार रहिए।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) October 26, 2026
यह विवाद 25 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे, तभी दर्शक दीर्घा से एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में बने रहने को लेकर टिप्पणी की। इसके जवाब में खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
भाजपा नेताओं ने इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक बताते हुए कांग्रेस की आलोचना की। वहीं, कांग्रेस ने खरगे के बयान का बचाव करते हुए दावा किया कि उनका इशारा प्रधानमंत्री के वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर था। इस तरह बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
रेखा गुप्ता ने कहा कि जनता पहले भी कांग्रेस और विपक्षी दलों को चुनावों में नकार चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विपक्षी नेता इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करते रहे, तो आने वाले चुनावों में उन्हें पहले से भी अधिक करारी और निर्णायक हार का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री के बयान का मुख्य संदेश यही था कि राजनीतिक दलों को अपनी बात नीतियों, विचारों और कामकाज के आधार पर रखनी चाहिए। व्यक्तिगत टिप्पणियों और अभद्र भाषा से राजनीतिक समर्थन हासिल करने के बजाय जनता के मुद्दों पर ध्यान देना जरूरी है।
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