CJP Jantar Mantar 2.0: CM रेखा गुप्ता का राहुल गांधी-केजरीवाल पर हमला- 'दिल्ली को बंधक नहीं बनने देंगे'

Published : Oct 10, 2026, 07:43 PM IST
Rekha Gupta attack Rahul Gandhi Arvind kejriwal

सार

दिल्ली की राजनीति में राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और CJP को लेकर घमासान तेज। विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप, कहा- दिल्ली को बंधक नहीं बनने देंगे।

दिल्ली में CJP के साथ राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल की कथित राजनीतिक मिलीभगत को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया है कि जनता का समर्थन खो चुके विपक्षी नेता दिल्ली को टकराव का मैदान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सवाल उठाया गया है कि लगातार चुनावी हार से उपजी राजनीतिक निराशा का खामियाजा आखिर दिल्ली की जनता क्यों भुगते?

बयान में कहा गया है कि दिल्ली के लोग पहले से ही सड़कों पर अव्यवस्था और रोजमर्रा की परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक गतिविधियों के कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ना चिंता का विषय है। काम पर जाने वाले कर्मचारियों, रोज कमाकर अपने परिवार का पेट पालने वाले मजदूरों और अस्पताल पहुंचने की कोशिश कर रहे मरीजों की परेशानियों का जिम्मेदार कौन होगा? क्या नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं लाखों परिवारों की आजीविका, सुरक्षा और शांति से भी बड़ी हो गई हैं?

Rahul Gandhi-Kejriwal पर निशाना, CJP को लेकर भी उठाए सवाल

बयान में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया गया कि वे CJP के साथ मिलकर दिल्ली का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें विपक्षी नेताओं की राजनीति को लगातार मिल रही चुनावी हार से उपजी निराशा से जोड़ते हुए कहा गया कि अपनी राजनीतिक हताशा का बोझ आम जनता पर नहीं डाला जाना चाहिए।

आरोपों में अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया गया। बयान में उन्हें अराजकता को बढ़ावा देने वाला नेता बताते हुए कहा गया कि दिल्ली का मालिक होने जैसा रवैया अपनाकर वे अपने राजनीतिक हितों के लिए राजधानी की शांति और सुरक्षा को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।

Delhi News: दिल्ली की जनता ने विकास के लिए दिया जनादेश

बयान में कहा गया कि दिल्ली की जनता ने विकास के पक्ष में अपना फैसला दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले जनसमर्थन का जिक्र करते हुए कहा गया कि वे भारतीय चुनावी राजनीति के इतिहास में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले नेता बने। इसे जनता के भरोसे और समर्थन का उदाहरण बताया गया।

विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया गया कि वंशवादी राजनीति और अवसरवाद में उलझे दल जनता के इस समर्थन को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। बयान के मुताबिक, जनादेश का सम्मान करने के बजाय राजनीतिक विरोध के नाम पर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

Delhi Protest: कर्मचारियों, मजदूरों और मरीजों की परेशानी पर सवाल

बयान में दिल्ली की सड़कों पर होने वाली अव्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए पूछा गया कि राजनीतिक गतिविधियों के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानियों की जिम्मेदारी कौन लेगा। रोजाना काम पर जाने वाले कर्मचारी, दिहाड़ी मजदूर और इलाज के लिए अस्पताल जाने वाले मरीज ऐसी परिस्थितियों से सीधे प्रभावित होते हैं।

इसमें कहा गया कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता की महत्वाकांक्षा आम लोगों की रोजी-रोटी, सुरक्षा और शांतिपूर्ण जीवन से ऊपर नहीं हो सकती। दिल्ली जैसे बड़े शहर में सड़कों पर सामान्य आवाजाही और लोगों की दैनिक जरूरतों को प्रभावित करने वाली परिस्थितियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

Delhi Politics: 'दिल्ली को बंधक नहीं बनने दिया जाएगा'

बयान के अंत में स्पष्ट संदेश दिया गया कि दिल्ली को बंधक नहीं बनने दिया जाएगा। इसमें लोकतंत्र की आड़ में अराजकता फैलाने और जनता के जनादेश को चुनौती देने वाली राजनीति के खिलाफ मजबूती से लड़ने की बात कही गई। साथ ही कहा गया कि दिल्ली की शांति, सुरक्षा और विकास के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बयान का मुख्य संदेश यही है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन उसके कारण आम नागरिकों का जीवन प्रभावित नहीं होना चाहिए।

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