Delhi Healthcare: 'दिल्ली को मेडिकल हब बनाने के लिए प्राइवेट सेक्टर का साथ जरूरी'- CM रेखा गुप्ता

Published : Nov 04, 2026, 12:36 PM IST
Delhi Chief Minister Rekha Gupta (Photo/X@CMODelhi)

सार

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संत परमानंद अस्पताल में नए आईवीएफ सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने दिल्ली को बेहतरीन मेडिकल हब बनाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को जरूरी बताया।

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि राजधानी को एक शानदार हेल्थकेयर हब बनाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने, डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती करने और डिजिटल हेल्थ सर्विस को मजबूत करने पर पूरा जोर दे रही है। संत परमानंद अस्पताल में एक नए और हाई-टेक आईवीएफ (IVF) सेंटर का उद्घाटन करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार हर नागरिक को अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका खास फोकस बीमारियों की रोकथाम पर है।

मरीजों को मिलने वाली आर्थिक मदद का जिक्र करते हुए सीएम गुप्ता ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली सरकार ने केंद्र के 5 लाख रुपये के कवर में अपनी तरफ से 5 लाख रुपये और जोड़ दिए हैं। इससे अब हर लाभार्थी परिवार को सालाना 10 लाख रुपये का हेल्थ कवर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने आंकड़े देते हुए कहा,

अब तक 8.94 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड मंजूर किए जा चुके हैं। 70 साल से ऊपर के 3.09 लाख से ज्यादा बुजुर्गों को 'आयुष्मान वय वंदना' से जोड़ा गया है। इसके अलावा, विधवा और विकलांग पेंशन पाने वाले 5.28 लाख से ज्यादा लाभार्थियों और उनके परिवारों को भी इस योजना का फायदा मिल रहा है।

प्राइमरी और सेकेंडरी हेल्थकेयर को बेहतर बनाने के कदमों पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि रिहायशी इलाकों के पास 415 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 29 जन औषधि केंद्र शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही, सरकारी अस्पतालों में 503.49 करोड़ रुपये के पांच बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। जीबी पंत अस्पताल में न्यूरो आईसीयू और 16 सरकारी अस्पतालों में 300 डायलिसिस मशीनों जैसी एडवांस सुविधाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं। मेडिकल सीटों और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने मेडिकल एजुकेशन की सीटें बढ़ाने का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा,

मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) की सीटें 595 से बढ़ाकर 820 की जा रही हैं, जबकि पीजी (PG) की सीटें 553 से बढ़ाकर 762 हो रही हैं। द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में करीब 805.99 करोड़ रुपये की लागत से एक नया मेडिकल कॉलेज भी बनाया जा रहा है।

उन्होंने आगे बताया कि भर्ती अभियान के तहत 1,200 से ज्यादा नर्सों और 954 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। साथ ही, हेल्थकेयर सेक्टर में 4,000 से ज्यादा नए पदों को मंजूरी दी गई है। डिजिटल और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर के मोर्चे पर सीएम गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में एक करोड़ से ज्यादा आभा (ABHA) आईडी बनाई जा चुकी हैं। 38 सरकारी अस्पतालों में डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर दिया गया है। जन कल्याण के कामों में नवजात बच्चों के लिए 56 फ्री स्क्रीनिंग टेस्ट, 10,000 फ्री कैंसर स्क्रीनिंग और 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए फ्री एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन अभियान भी शामिल हैं।

संत परमानंद अस्पताल में शुरू हुआ नया आईवीएफ सेंटर इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन (ICSI) जैसी एडवांस रिप्रोडक्टिव तकनीक से लैस है। यहां फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स और एम्ब्रियोलॉजिस्ट की एक खास टीम मौजूद है, जो मरीजों की जांच, इलाज और काउंसलिंग की सुविधा देगी।

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