
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत गोयला डेयरी में 200 टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता वाले बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर दिल्ली के मंत्री आशीष सूद भी मौजूद रहे।
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को 2018 में ही मंजूरी मिल गई थी, लेकिन इसका उद्घाटन अब 2026 में हो रहा है। उन्होंने इस देरी के लिए पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को जिम्मेदार ठहराया। सीएम ने कहा कि उस वक्त एमसीडी (MCD) में बीजेपी की सत्ता थी, इसलिए राजनीतिक कारणों से प्रोजेक्ट को अटकाया गया। उन्होंने कहा,
उस समय एमसीडी में बीजेपी थी। उन्हें (AAP) लगा कि अगर यह काम हुआ, तो इसका श्रेय नगर निगम को मिल जाएगा। उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं थी कि दिल्ली में एक भी बायोगैस प्लांट नहीं है।
सीएम गुप्ता ने बताया कि उनकी सरकार ने पिछले डेढ़ साल के अंदर 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले तीन बायोगैस प्लांट शुरू किए हैं। उन्होंने ऐलान किया कि राजधानी में गोबर को प्रोसेस करने और ग्रीन एनर्जी बनाने के लिए 6 और नए प्लांट लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा,
आज हमने डेढ़ साल में तीन बायोगैस प्लांट शुरू कर दिए हैं। हम सिर्फ 3 प्लांट पर रुकने वाले नहीं हैं। हमने 6 और प्लांट की योजना बनाई है। एक गाजीपुर में बनेगा और 5 अन्य जगहों पर। अगर दिल्ली में रोज 1500 टन गोबर निकलता है, तो हमारे पास इसे प्रोसेस करने की पूरी क्षमता होनी चाहिए ताकि हम ग्रीन एनर्जी बना सकें।
मुख्यमंत्री ने नांगली बायोगैस प्लांट का भी जिक्र किया, जिसे सितंबर 2025 में बनाया गया था। उन्होंने बताया कि वहां एक साल के अंदर करीब 55,000 ट न गोबर से गैस और खाद बनाई गई है। CM गुप्ता ने कहा,
हमने सितंबर 2025 में नांगली में एक प्लांट बनाया था। आज सिर्फ एक साल में वहां 55,000 टन गोबर का इस्तेमाल गैस और खाद बनाने में हुआ है। जरा सोचिए, अगर ऐसा नहीं होता तो यह सारा गोबर यमुना में जाता और नदी को और ज्यादा प्रदूषित करता।
बायोगैस प्लांट के साथ-साथ सरकार दिल्ली की डेयरी कॉलोनियों में ड्रेनेज सिस्टम (नालियों) को सुधारने पर भी काम कर रही है। सीएम ने बताया,
कमिश्नर ने मुझे बताया था कि दिल्ली की सभी डेयरी कॉलोनियों में ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने की जरूरत है। बायोगैस प्लांट तो बनेंगे ही, लेकिन दूसरी प्राथमिकता ड्रेनेज सुधारना है। मैंने उनसे पूछा कि क्या-क्या चाहिए। इसके बाद मेयर आए और उन्होंने मुझसे सभी डेयरी कॉलोनियों के लिए 50 करोड़ रुपये लिए। आज हर डेयरी कॉलोनी में नई नालियां बन रही हैं।
वहीं, दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह उस प्रोजेक्ट की शुरुआत है जिसके लिए 2018 में ही फंड दे दिया गया था। उन्होंने पिछली सरकार पर जनता की भलाई से ज्यादा अपनी राजनीति और प्रचार पर ध्यान देने का आरोप लगाया। सूद ने कहा,
आज हमने उस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया है जिसके लिए 2018 में ही फंड दे दिया गया था। अब जाकर काम शुरू हुआ है। इससे पता चलता है कि पिछली सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने सिर्फ बड़े-बड़े विज्ञापनों और प्रोपेगेंडा के जरिए अपना राजनीतिक हित साधा। उनका पूरा ध्यान जनता की भलाई वाले प्रोजेक्ट्स को अटकाने पर था। अब बहानेबाजी की राजनीति खत्म हो रही है और हम धीरे-धीरे ऐसे सभी पेंडिंग काम पूरे कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यमुना को साफ करने और बचाने की दिशा में यह बायोगैस प्लांट बहुत अहम भूमिका निभाएगा।
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