
दिल्ली में कोचिंग संस्थानों को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की खबर है कि अब कोचिंग सेंटर सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और पारदर्शिता के मानकों पर भी परखे जाएंगे। दिल्ली सरकार ने छात्रों की सुरक्षा, फीस नियमन और संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लाने की घोषणा की है।
कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने बताया कि यह कानून जस्टिस गौबा कमेटी की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया जाएगा। अगले तीन महीनों में इसका प्रारूप तैयार होने की उम्मीद है। नए नियमों में कोचिंग सेंटरों के सुरक्षा मानक, फीस संरचना और छात्रों को दी जा रही सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हाल ही में लखनऊ में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड से सबक लेते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी के 924 कोचिंग सेंटरों का सुरक्षा और वित्तीय ऑडिट कराने का फैसला किया है। इसके लिए नगर निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो भवनों की सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य जरूरी मानकों की जांच करेगा। सरकार का कहना है कि जो संस्थान निर्धारित नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। गंभीर अनियमितता मिलने पर ऐसे कोचिंग सेंटरों को सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
आशीष सूद के अनुसार, सरकार यह भी तय करेगी कि कोचिंग सेंटर किस प्रकार संचालित होंगे, उनकी फीस कैसे निर्धारित होगी और छात्रों को किस स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उद्देश्य यह है कि छात्रों और अभिभावकों को पारदर्शी एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
आशीष सूद ने एनसीईआरटी की कक्षा 9 की किताब में आपातकाल पर नया अध्याय शामिल करने के फैसले का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि आपातकाल के दौरान लोगों के अधिकार किस तरह प्रभावित हुए थे। उनके अनुसार, इतिहास की ऐसी घटनाओं की जानकारी लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व को समझने में मदद करती है।
दिल्ली सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यदि प्रस्तावित कानून लागू होता है, तो राजधानी में कोचिंग उद्योग के संचालन के लिए पहली बार व्यापक और स्पष्ट नियामक व्यवस्था देखने को मिल सकती है।
दिल्ली की राजनीति, मेट्रो-ट्रैफिक अपडेट्स, प्रदूषण स्तर, प्रशासनिक फैसले और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी पाएं। राजधानी की रियल-टाइम रिपोर्टिंग के लिए Delhi News in Hindi सेक्शन देखें — सटीक और तेज़ समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।