
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को सिर्फ संतान पैदा करने के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। उनके मुताबिक, महिलाओं का स्वास्थ्य और सम्मान दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है और इसी सोच के तहत योजना में तीन बच्चों की पात्रता से जुड़ी शर्त रखी गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रावधान किसी धर्म, जाति या वर्ग को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है। उनके अनुसार, नियम सभी पात्र महिलाओं पर समान रूप से लागू होगा।
विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला के स्वास्थ्य को केवल बच्चे को जन्म देने की क्षमता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार गर्भधारण और प्रसव का असर महिला के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है और सरकार की जिम्मेदारी महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सम्मान की रक्षा करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली लक्ष्मी योजना में तीन बच्चों तक की पात्रता संबंधी शर्त रखी गई है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य किसी समुदाय की महिलाओं को अलग-अलग तरीके से देखना नहीं, बल्कि योजना के तहत पात्रता के लिए एक समान नियम लागू करना है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना राजधानी की अब तक की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। दिल्ली की बहनों से हमने जो वादा किया था, उसे पूरा किया है। जो संकल्प लिया था, उसे सिद्ध किया है और उनके सशक्तिकरण के लिए ₹5,100 करोड़ की बड़ी राशि का प्रावधान किया है।#MonsoonSession pic.twitter.com/YymMzwaHH9
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 10, 2026
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रेखा गुप्ता ने विधानसभा में यह भी कहा कि योजना की यह शर्त किसी विशेष धर्म, जाति या सामाजिक वर्ग को ध्यान में रखकर नहीं बनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम सभी पात्र महिलाओं पर समान रूप से लागू होगा। मुख्यमंत्री के बयान का मुख्य फोकस यह रहा कि महिला कल्याण से जुड़ी किसी भी योजना में महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। सरकार ने इस प्रावधान को इसी दृष्टिकोण से जोड़कर पेश किया है। हालांकि, योजना की पात्रता के सभी नियमों और उनके व्यावहारिक असर को समझने के लिए लाभार्थियों को सरकार की आधिकारिक अधिसूचना और दिशानिर्देशों को देखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने योजना के तहत सहायता राशि के डिजिटल वॉलेट के जरिए उपलब्ध कराए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की महिलाएं डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने में सक्षम हैं और आज डिजिटल भुगतान रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। उनका कहना था कि महिलाओं को डिजिटल माध्यम से मिलने वाली सहायता का उपयोग करने में परेशानी नहीं होगी। सरकार का भरोसा है कि लाभार्थी महिलाएं इस व्यवस्था का सहज तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगी।
हम चाहते हैं कि हर बेटी एम्पावर्ड हो। हर बेटी ताकतवर बने, आत्मनिर्भर हो, अपने सपनों को जी सके। हर बेटी के लिए हमने इतनी सारी योजनाएं दी हैं, क्योंकि हम चाहते हैं कि हर बेटी जो बनना चाहती है, वो बने, अपनी पढ़ाई पूरी करे और खूब गर्व के साथ कह सके, “First in My Bloodline.”
दिल्ली… pic.twitter.com/WevKcKrLH4— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 10, 2026
दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर विधानसभा में हुई यह चर्चा ऐसे समय में अहम है जब सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में पात्रता, महिला स्वास्थ्य और डिजिटल भुगतान जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। अब इस योजना के नियमों का वास्तविक असर लाभार्थियों तक पहुंचने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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