
दिल्ली सरकार ने श्रमिकों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एक नई पहल शुरू की है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय से चार मोबाइल ‘नमो श्रमिक सेवा वैन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन मोबाइल वैन का उद्देश्य श्रमिकों को उनके काम की जगह पर ही जरूरी सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इन वैन के जरिए श्रमिकों को पंजीकरण, नवीनीकरण, दस्तावेजों के सत्यापन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से जुड़ी सहायता दी जाएगी। यानी जिन कामों के लिए श्रमिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, उनमें से कई सुविधाएं अब उनके कार्यस्थल तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
नमो श्रमिक सेवा वैन दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में श्रमिकों और श्रमयोगियों के कार्यस्थलों तक पहुंचेंगी। यहां श्रमिकों को सरकारी व्यवस्थाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में सहायता दी जाएगी। इसमें खास तौर पर श्रमिक पंजीकरण, पंजीकरण नवीनीकरण और दस्तावेज सत्यापन जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा श्रमिकों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं और उनसे जुड़े लाभों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
इस पहल का एक अहम पहलू यह है कि सेवा का केंद्र सरकारी दफ्तर नहीं, बल्कि श्रमिक का कार्यस्थल बनाया जा रहा है। इससे उन लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए रोजमर्रा के काम से समय निकालकर सरकारी कार्यालय जाना मुश्किल होता है।
Under the #SevaSankalpAbhiyan, Chief Minister Smt. Rekha Gupta flagged off 4 mobile ‘Namo Shramik Seva Vans’ from Delhi Secretariat. These vans will reach workers at their workplaces, providing support for registration, renewal, document verification and access to government… pic.twitter.com/IEUzIX47cJ
— CMO Delhi (@CMODelhi) September 22, 2026
यह पहल सेवा संकल्प अभियान के तहत शुरू की गई है। अभियान के जरिए सरकारी सेवाओं को लोगों तक सीधे पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में श्रमिकों के लिए मोबाइल सेवा व्यवस्था शुरू की गई है। श्रमिकों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सही पंजीकरण और दस्तावेजों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। कई बार जानकारी के अभाव या प्रक्रिया की जटिलता के कारण पात्र व्यक्ति भी योजनाओं का लाभ लेने से पीछे रह जाते हैं। मोबाइल वैन के जरिए इसी तरह की व्यावहारिक दिक्कतों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
दिल्ली सरकार की ओर से इस पहल को श्रम के सम्मान और श्रमिकों तक सरकारी सेवाओं की सीधी पहुंच से जोड़कर देखा गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्रम की गरिमा के प्रति संकल्प से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली में सेवा को हर श्रमयोगी के दरवाजे तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मॉडल में मोबाइल वैन केवल सूचना देने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पंजीकरण, नवीनीकरण और दस्तावेज सत्यापन जैसे कामों में सहायता भी करेंगी। इससे श्रमिकों के लिए सरकारी योजनाओं तक पहुंच का रास्ता अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा भी मौजूद रहे। चारों नमो श्रमिक सेवा वैन को हरी झंडी दिखाने के साथ श्रमिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने की इस व्यवस्था की शुरुआत हुई। कुल मिलाकर, यह पहल सरकारी सेवाओं को अधिक प्रत्यक्ष और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक कदम है। खासकर उन श्रमिकों के लिए, जिन्हें पंजीकरण या दस्तावेजों से जुड़े काम के लिए अलग से सरकारी कार्यालय जाना पड़ता है, कार्यस्थल पर सहायता मिलने से प्रक्रिया आसान हो सकती है।
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