
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के बजाय उनकी साड़ी, जूते-चप्पल और निजी गतिविधियों पर नजर रखने के अलावा कोई काम नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब में हत्याओं और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए विपक्ष की चुप्पी पर सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्राओं के कथित यौन शोषण से जुड़े आरोपों पर भी विपक्ष की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल किया।
रेखा गुप्ता के इस बयान के केंद्र में विपक्ष की जवाबदेही का मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय उन घटनाओं पर भी अपनी बात रखनी चाहिए, जो आम लोगों की सुरक्षा और संस्थानों के माहौल से जुड़ी हैं। हालांकि, पंजाब और JNU से जुड़े मामलों पर विपक्ष की वास्तविक प्रतिक्रिया और संबंधित घटनाओं के तथ्य अलग से देखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि विपक्ष उनकी साड़ी, फुटवियर और निजी गतिविधियों को लेकर टिप्पणियां करने में लगा है। उनके मुताबिक, विपक्ष को सरकार के कामकाज और जनता से जुड़े सवालों पर चर्चा करनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत बातों को राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों को लेकर सियासी टकराव जारी है। हाल के दिनों में रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और कॉकroach जनता पार्टी (CJP) को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पास अब कोई काम नहीं बचा है। विपक्ष मुख्यमंत्री की साड़ी, चप्पल और व्यक्तिगत गतिविधियों पर नजर रखने में व्यस्त है।
उन्होंने पंजाब में हत्याओं, नशे के कारोबार और जेएनयू में छात्राओं के यौन शोषण के आरोपों पर विपक्ष की चुप्पी पर सवाल उठाए।
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— Asianetnews Hindi (@AsianetNewsHN) October 15, 2026
रेखा गुप्ता ने पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशीले पदार्थों की तस्करी का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि इन घटनाओं पर आवाज क्यों नहीं उठाई जा रही है। 14 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या का भी जिक्र किया था। वह पंजाब के मानसा जिले में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ बोलते थे।
मुख्यमंत्री का सवाल था कि यदि राजनीतिक संगठन जनहित के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर भी अपनी आवाज उठानी चाहिए। यह उनका राजनीतिक आरोप है; इससे विपक्ष की ओर से इन मुद्दों पर उठाए गए सवालों या की गई कार्रवाइयों के बारे में अपने आप कोई निष्कर्ष नहीं निकलता।
रेखा गुप्ता ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से जुड़े यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भी कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। यह मामला कांग्रेस सांसद और JNU के प्रोफेसर रहे अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ छात्राओं की शिकायतों से जुड़ा है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विश्वविद्यालय ने इस मामले में उन्हें प्रोफेसर के पद से बर्खास्त किया। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया का महत्व है। आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध अपराध के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान जैसे विषयों पर राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री के बयान में तीन प्रमुख मुद्दे सामने आए हैं- विपक्ष की निजी टिप्पणियां, पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे से जुड़े मामले तथा JNU में छात्राओं की शिकायतें। रेखा गुप्ता ने इन मुद्दों के जरिए विपक्ष की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। वहीं, इन आरोपों और राजनीतिक दावों को परखने के लिए संबंधित घटनाओं के तथ्य, विपक्ष की प्रतिक्रियाएं और जांच की स्थिति देखना भी जरूरी है।
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