
नई दिल्ली। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा। एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली साल भर काम करके अपनी हवा को साफ कर रही है। वहीं, AAP की पंजाब सरकार पराली जलाने, फर्जी आंकड़ों और राजनीतिक नियुक्तियों से इस मेहनत पर पानी फेर रही है। मंत्री सिरसा ने बताया कि पंजाब सरकार ने रीना गुप्ता को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का चेयरपर्सन बना दिया है। रीना गुप्ता AAP की दिल्ली प्रवक्ता हैं और अरविंद केजरीवाल की रिश्तेदार हैं। सिरसा ने कहा,
उनसे पहले इस पद पर एक पर्यावरण वैज्ञानिक थे। उससे भी पहले सीनियर IAS अफसर और एक्सपर्ट्स इस जिम्मेदारी को संभालते थे। लेकिन पंजाब के सीएम भगवंत मान ने केजरीवाल के इशारे पर पार्टी प्रवक्ता को चुन लिया। एक रेगुलेटर को अब पार्टी ऑफिस बना दिया गया है, जहां से सिर्फ नैरेटिव सेट किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि रीना गुप्ता पहले दिल्ली के पूर्व AAP पर्यावरण मंत्री की सलाहकार थीं। उन्होंने ही दिल्ली को ऐसा स्मॉग टावर दिया जो दो साल भी नहीं चला और ऑड-ईवन जैसे उनके स्टंट भी फेल रहे। सिरसा ने तंज कसते हुए कहा,
दिल्ली अपनी हवा साफ करने में जुटी है, जबकि AAP की पंजाब सरकार इसे धुएं में उड़ा रही है।
मंत्री सिरसा ने कहा कि पंजाब पुलिस के अपने ही रिकॉर्ड पराली जलाने के आंकड़ों की पोल खोलते हैं। 28 अक्टूबर को अकेले तरनतारन पुलिस ने पराली जलाने की 90 FIR दर्ज कीं, जबकि उस दिन पूरे राज्य के लिए पंजाब का सरकारी आंकड़ा सिर्फ 96 था। 24 से 31 अक्टूबर के बीच तरनतारन में 271 FIR दर्ज हुईं, जिनमें से 189 (करीब 70%) पराली जलाने वाले किसानों पर थीं। उन्होंने कहा,
किसान मशीनें और मदद मांग रहा था। लेकिन AAP की पंजाब सरकार ने उन्हें FIR थमा दी। अगर पुलिस इसी फुर्ती से ड्रग तस्करों के पीछे भागती, तो पंजाब सच में 'रंगला पंजाब' बन जाता।
भारत सरकार के सैटेलाइट मॉनिटरिंग डेटा (ICAR-IARI) के मुताबिक, 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 के बीच सिर्फ सात दिनों में AAP शासित पंजाब में पराली जलाने के 933 मामले सामने आए। यह हर दिन औसतन 133 मामले हैं। रिलीज के अनुसार, अकेले रविवार को पंजाब में 175 जगह पराली जलाई गई, जबकि हरियाणा में 7 और यूपी-दिल्ली में एक भी मामला नहीं मिला। केंद्र सरकार ने 2018-19 से 2025-26 तक फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत पंजाब को ₹2,056.50 करोड़ दिए हैं। वहीं, 2026-27 के लिए तय ₹592.57 करोड़ में से ₹430.87 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके इस्तेमाल का सर्टिफिकेट (Utilisation Certificates) मांगा है, जो पंजाब सरकार नहीं दे पाई। सिरसा ने कहा, "किसानों तक मशीनें नहीं पहुंचीं, सिर्फ विज्ञापन पहुंचे।"
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के बुलेटिन के हवाले से रिलीज में बताया गया कि सोमवार तक दिल्ली में 220 दिन हवा 'अच्छी, संतोषजनक या मध्यम' श्रेणी में रही। यह आंकड़ा 2024 (209 दिन) और 2025 (200 दिन) के पूरे साल के रिकॉर्ड से भी ज्यादा है।
सिरसा ने बताया कि रविवार से दिल्ली में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू है। ऑफिस की टाइमिंग बदल दी गई है, पार्किंग चार्ज दोगुने कर दिए गए हैं और बाहर से आने वाले नॉन-BS-VI वाहनों की एंट्री बैन है। करीब 700 कंस्ट्रक्शन साइट्स पर AI कैमरों से नजर रखी जा रही है। 60 मॉनिटरिंग स्टेशन काम कर रहे हैं और 500 पेट्रोल पंप बिना वैध PUC वाले वाहनों को तेल नहीं दे रहे हैं। पहले ही दिन 14,930 गाड़ियां चेक की गईं और ₹68.4 लाख का जुर्माना लगाया गया।
मंत्री सिरसा ने दिल्ली वालों को उनके सपोर्ट के लिए शुक्रिया कहा। उन्होंने आखिर में कहा,
पंजाब के किसानों को मशीनों की जरूरत है, FIR की नहीं। दिल्ली को साफ हवा चाहिए, AAP का बदला नहीं।
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