
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चुनाव आयोग की संस्थागत विश्वसनीयता का समर्थन करते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत के लोकतंत्र की साख को विपक्ष की राजनीतिक सुविधा के हिसाब से बंधक नहीं बनाया जा सकता। रेखा गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में 124 पूर्व IAS, IFS और अन्य संबद्ध सेवाओं के अधिकारियों के उस रुख का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग की संस्थागत निष्पक्षता और विश्वसनीयता का बचाव किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची की सटीकता, पारदर्शी प्रक्रियाएं और मजबूत संस्थाएं जरूरी हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि चुनावी नतीजे उसके पक्ष में नहीं आने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाते हैं, जबकि राजनीतिक हितों के अनुकूल होने पर ही लोकतंत्र और संस्थाओं के सम्मान की बात की जाती है।
रेखा गुप्ता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज है। 10 अक्टूबर 2026 को 124 पूर्व IAS, IFS और संबद्ध सेवाओं के अधिकारियों ने भी चुनाव आयोग के समर्थन में खुला पत्र जारी किया था। इन अधिकारियों ने चुनावी गड़बड़ी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे गंभीर दावों के समर्थन में विश्वसनीय साक्ष्य होने चाहिए।
पूर्व अधिकारियों ने अपने पत्र में चुनावी व्यवस्था में किए गए सुरक्षा उपायों का भी उल्लेख किया। इनमें मतदान एजेंटों की मौजूदगी, EVM को सील करने की प्रक्रिया, स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा और VVPAT पर्चियों के सत्यापन जैसे उपाय शामिल हैं। उनका तर्क है कि भारतीय चुनाव व्यवस्था में समय के साथ कई संस्थागत सुरक्षा उपाय विकसित हुए हैं। इसलिए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते समय तथ्यों और प्रमाणों को महत्व दिया जाना चाहिए।
The credibility of India’s democracy cannot be made hostage to the opposition’s political convenience.
124 former IAS, IFS and Allied Service officers have defended the Election Commission’s institutional integrity. These are seasoned administrators who have spent decades safeguarding India’s electoral process.
Free and fair elections demand accurate voter rolls, transparent procedures and strong institutions.
Congress and its allies cannot question the Election Commission every time the verdict goes against them and invoke democracy only when it suits their politics.
Respect for democracy cannot be selective. Neither can respect for its institutions.
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) October 12, 2026
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) इस राजनीतिक विवाद का प्रमुख मुद्दा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और उसमें मौजूद त्रुटियों को दूर करना है। हालांकि, विपक्षी दलों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस समेत विपक्ष के कई नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। दूसरी ओर, आयोग के समर्थकों का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना चुनावी प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है।
इस विवाद के बीच मूल सवाल यही है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है, पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायतों का समाधान किस तरह किया जाता है। इन सवालों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ तथ्यों और प्रक्रियागत जवाबदेही की भी अहम भूमिका है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र और उसकी संस्थाओं के प्रति सम्मान चुनिंदा आधार पर नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनावी नतीजे अपने पक्ष में नहीं आने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं, लेकिन लोकतंत्र की दुहाई तभी देते हैं, जब यह उनके राजनीतिक हितों के अनुकूल हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सही मतदाता सूची, पारदर्शी प्रक्रियाएं और मजबूत संस्थागत व्यवस्था बुनियादी जरूरतें हैं। रेखा गुप्ता के बयान का संदेश साफ है- चुनाव आयोग की आलोचना हो सकती है, लेकिन उस आलोचना का आधार तथ्य और प्रमाण होने चाहिए। वहीं, चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठने वाली शिकायतों का पारदर्शी तरीके से समाधान करना भी संस्थाओं में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी है।
दिल्ली की राजनीति, मेट्रो-ट्रैफिक अपडेट्स, प्रदूषण स्तर, प्रशासनिक फैसले और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी पाएं। राजधानी की रियल-टाइम रिपोर्टिंग के लिए Delhi News in Hindi सेक्शन देखें — सटीक और तेज़ समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।