दिल्ली में हर साल 4 महीने बदल जाएगी ऑफिस की जिंदगी! सरकार का बड़ा ऐलान

Published : Jul 02, 2026, 08:37 PM IST
delhi winter pollution action plan work from home office timing change 2026

सार

Delhi Winter Pollution Plan: 1 नवंबर से 28 फरवरी तक 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम, बदले हुए ऑफिस टाइम और ट्रैफिक कम करने जैसे बड़े कदम उठाए जाएंगे।

Delhi WFH Winter Rule: दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने एक बड़ा और स्थायी फैसला लिया है। अब हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक एक तयशुदा विंटर पॉल्यूशन एक्शन प्लान स्वतः लागू होगा। इस नई व्यवस्था के तहत सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू करने, कार्यालयों के समय में बदलाव और ट्रैफिक कम करने जैसे कदम उठाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे सर्दियों में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

हर साल 4 महीने लागू रहेगा विंटर एक्शन प्लान

नई नीति के तहत अब हर साल अलग-अलग आदेश जारी करने की जरूरत नहीं होगी। 1 नवंबर से 28 फरवरी तक यह ढांचा स्वतः प्रभावी रहेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 नवंबर से 31 जनवरी के बीच किसी भी सरकारी या निजी संस्थान में एक समय पर केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आएंगे, जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। सरकार ने निजी कंपनियों से कारपूलिंग, राइड-शेयरिंग और सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने की भी अपील की है, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो सके।

ऑफिस टाइम बदलेगा, जरूरी सेवाओं को मिलेगी छूट

नई व्यवस्था के तहत कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, एमसीडी कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे। इसका उद्देश्य पीक ऑवर ट्रैफिक का दबाव कम करना है। हालांकि स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन सेवाएं, सार्वजनिक परिवहन, बिजली-पानी, स्वच्छता, आपदा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों को वर्क फ्रॉम होम के दायरे से बाहर रखा जाएगा ताकि आवश्यक सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें।

AQI डेटा के आधार पर तैयार हुई स्थायी रणनीति

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, यह स्थायी योजना पिछले कई वर्षों के वायु गुणवत्ता आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद तैयार की गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते तीन सर्दियों में दिल्ली का औसत AQI 312 से 342 के बीच रहा, जबकि कई दिनों में यह 461 से 494 तक पहुंच गया।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इस स्थायी ढांचे का उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों को एक समान तरीके से लागू करना है। यह नीति Commission for Air Quality Management (CAQM) के निर्देशों, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और नवीनतम एयर क्वालिटी डेटा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इससे नागरिकों, उद्योगों और सरकारी एजेंसियों को पहले से योजना बनाने में सुविधा मिलेगी और हर साल सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए एक तय व्यवस्था उपलब्ध होगी।

PREV

दिल्ली की राजनीति, मेट्रो-ट्रैफिक अपडेट्स, प्रदूषण स्तर, प्रशासनिक फैसले और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी पाएं। राजधानी की रियल-टाइम रिपोर्टिंग के लिए Delhi News in Hindi सेक्शन देखें — सटीक और तेज़ समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

दिल्ली में EV खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले! रेखा सरकार ने कर दिया बड़ा ऐलान
Ek Ped Maa Ke Naam: CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया Green Drive Portal, 70 लाख पौधे लगेंगे, EV पर भी बंपर छूट