
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को लेकर दिल्ली महिला आयोग की बैठक में तैयार किए गए नए एक्शन प्लान की जानकारी दी है। इस बैठक में स्कूलों में POCSO कानून को लेकर जागरूकता अभियान बढ़ाने, 13-14 वर्ष की लड़कियों तक मुफ्त HPV वैक्सीनेशन की जानकारी और पहुंच सुनिश्चित करने तथा कॉलेजों में छात्राओं के लिए साइबर क्राइम जागरूकता अभियान शुरू करने जैसे अहम फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ महिलाओं की शिकायतों का निपटारा करना नहीं है। कोशिश यह है कि दिल्ली महिला आयोग खुद आगे बढ़कर महिलाओं तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर महिला सशक्तिकरण की एक मजबूत व्यवस्था बने। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता और आयोग के सदस्यों व संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में महिला सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। लता गुप्ता वर्तमान में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष हैं।
आज दिल्ली महिला आयोग की बैठक में महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर कार्ययोजना तय की।
• स्कूलों में POCSO जागरूकता अभियान को और व्यापक किया जाएगा।
• 13-14 वर्ष की बेटियों, विशेषकर वंचित वर्गों की बालिकाओं तक निःशुल्क HPV vaccination की जानकारी और… pic.twitter.com/k1lrDz4skZ— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 11, 2026
बैठक में तय किया गया कि दिल्ली के स्कूलों में POCSO जागरूकता अभियान को और व्यापक किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरियों को उनके अधिकारों, सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की पहचान तथा जरूरत पड़ने पर शिकायत और मदद के तरीकों के बारे में जानकारी देना है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता को सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि स्कूल स्तर से ही बच्चों को कानूनी सुरक्षा और मदद के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी दी जाए।
महिला स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी बैठक में खास चर्चा हुई। एक्शन प्लान के तहत 13 से 14 वर्ष की लड़कियों को मुफ्त HPV वैक्सीनेशन की जानकारी और उसकी पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इस पहल में विशेष रूप से आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों की लड़कियों तक जानकारी और सुविधाएं पहुंचाने पर ध्यान दिया जाएगा। HPV वैक्सीन को महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण निवारक उपायों में माना जाता है।
डिजिटल दुनिया में बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने महिला छात्राओं के लिए साइबर सुरक्षा पर भी बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। कॉलेजों में छात्राओं के लिए Cyber Crime Awareness Drive शुरू की जाएगी। इस अभियान के जरिए छात्राओं को ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर बुलिंग, डिजिटल उत्पीड़न, सोशल मीडिया पर होने वाले अपराध और शिकायत दर्ज कराने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। दिल्ली महिला आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, साइबर अपराध और ऑनलाइन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में जागरूकता बढ़ाना और पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने में मदद करना आयोग की सेवाओं का अहम हिस्सा है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि दिल्ली महिला आयोग One Stop Centres और निराश्रित महिलाओं की देखभाल करने वाले संस्थानों का नियमित दौरा बढ़ाएगा। इन दौरों का मकसद महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं और सहायता की स्थिति पर नजर रखना होगा। जरूरत पड़ने पर व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी कदम उठाए जा सकेंगे। सरकार चाहती है कि संकट की स्थिति में महिलाओं को सिर्फ कागजी सहायता नहीं, बल्कि वास्तविक और समय पर मदद मिले।
महिला आयोग के ऑनलाइन शिकायत सिस्टम को भी और मजबूत करने का फैसला लिया गया है। इससे घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, यौन शोषण और उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों का तेजी से समाधान करने में मदद मिलेगी। डिजिटल शिकायत व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य यह है कि महिलाओं को मदद पाने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और शिकायतों पर कार्रवाई अधिक तेजी से हो। दिल्ली महिला आयोग महिलाओं के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों से जुड़े मामलों की जांच और सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए गठित संस्था है। आयोग हेल्प डेस्क, मोबाइल हेल्पलाइन और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से भी सहायता उपलब्ध कराता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा कि दिल्ली महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के समाधान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सरकार चाहती है कि आयोग सक्रिय रूप से महिलाओं तक पहुंचे, उनकी समस्याओं को समझे और जमीनी स्तर पर महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत तंत्र तैयार करे। यह फोकस खास इसलिए भी अहम है क्योंकि दिल्ली महिला आयोग का हाल में पुनर्गठन किया गया है और लता गुप्ता को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आयोग में अन्य सदस्यों और सदस्य सचिव की भी नियुक्ति की गई है।
दिल्ली सरकार के इस नए एक्शन प्लान में महिला सशक्तिकरण को सिर्फ एक मुद्दे तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, किशोरियों का स्वास्थ्य, कॉलेज छात्राओं की साइबर सुरक्षा, संकट में महिलाओं की मदद और शिकायतों के त्वरित समाधान को एक साथ जोड़ा गया है। अब इस एक्शन प्लान का असली असर इसके जमीनी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। सरकार और महिला आयोग के सामने चुनौती यह रहेगी कि जागरूकता अभियान और शिकायत व्यवस्था दिल्ली के हर वर्ग की महिलाओं तक प्रभावी तरीके से पहुंचे।
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