
दिल्ली को हरा-भरा बनाने की मुहिम में एक बड़ा पड़ाव हासिल हुआ है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि Mission Green Delhi के तहत 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस अभियान में 1.47 लाख से ज्यादा दिल्लीवासियों ने हिस्सा लिया।
CM रेखा गुप्ता ने इस उपलब्धि का श्रेय दिल्ली के लोगों को देते हुए कहा कि यह सिर्फ सरकार का अभियान नहीं रहा, बल्कि दिल्लीवासियों ने इसे अपना मिशन बनाया। उन्होंने अभियान में शामिल हर व्यक्ति का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में आगे कहा कि पौधे लगाना शुरुआत है। अब इन्हें बचाने और बड़ा करने की जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम है। यानी अभियान का अगला चरण Plantation से Protection की ओर होगा।
Delhi, we did it together!
70 lakh saplings planted.
1.47 lakh + Delhiites joined hands. Mission Green Delhi has achieved its plantation target.
My heartfelt gratitude to every Delhiite who made this mission their own. This is the power of people coming together for their city.… pic.twitter.com/rCfdb2zDCu— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 25, 2026
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली ने मिलकर 70 लाख पौधों का लक्ष्य हासिल किया है। इस अभियान में 1.47 लाख से अधिक लोग जुड़े। उनके मुताबिक इतने बड़े स्तर पर लोगों की भागीदारी यह दिखाती है कि शहर के पर्यावरण को लेकर नागरिकों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने दिल्लीवासियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लोगों ने इस अभियान को अपना अभियान बना लिया। मुख्यमंत्री के संदेश का मुख्य जोर भी इसी बात पर रहा कि दिल्ली को हरा बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकारी विभागों की नहीं है।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि 70 लाख पौधे लगाना अभियान का अंतिम पड़ाव नहीं है। अब चुनौती इन पौधों को सुरक्षित रखने की है। उन्होंने “Plantation to Protection” की बात कही है। इसका मतलब है कि पौधरोपण के बाद पौधों की देखभाल, संरक्षण और उनके जीवित रहने पर ध्यान दिया जाएगा। दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में यह हिस्सा खास महत्व रखता है, क्योंकि केवल पौधरोपण का आंकड़ा बढ़ाना और लगाए गए पौधों को लंबे समय तक बचाए रखना दो अलग-अलग बातें हैं।
दिल्ली में पौधरोपण का काम केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है। Department of Forests and Wildlife, GNCTD Green Action Plan (GAP) के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर काम करता है और 20 से अधिक सरकारी/ग्रीनिंग एजेंसियां इसके साथ जुड़ी हैं। हर साल संबंधित एजेंसियों के साथ चर्चा के बाद पौधरोपण का लक्ष्य तय किया जाता है।
2025-26 के Green Action Plan में दिल्ली के लिए पौधरोपण और पौध वितरण का कुल लक्ष्य 70,82,058 रखा गया था। इसमें वन विभाग के अलावा DDA, MCD, NDMC, PWD, शिक्षा विभाग, DMRC, DTC, NHAI, रेलवे और दूसरी एजेंसियों के लक्ष्य भी शामिल थे। यानी दिल्ली में हरित क्षेत्र बढ़ाने की योजना बड़े स्तर पर कई विभागों और एजेंसियों के समन्वय से आगे बढ़ाई जा रही है।
Green Action Plan में सिर्फ पेड़ लगाना ही शामिल नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों में पेड़ों के साथ shrubs, bamboo और hedge जैसे पौधों की भी अलग-अलग श्रेणियां रखी जाती हैं। इसके अलावा लोगों को पौधे उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाती है।
दिल्ली सरकार के Economic Survey के अनुसार 2024-25 में वन विभाग और अन्य ग्रीनिंग एजेंसियों ने मिलकर 57.55 लाख पौधे लगाए/वितरित किए थे, जबकि 2025-26 के Green Action Plan के तहत जनवरी 2026 तक 53.70 लाख पौधे लगाए जाने की जानकारी दर्ज की गई थी। इससे साफ है कि दिल्ली में पौधरोपण अभियान को हर साल बड़े पैमाने पर चलाया जाता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार Mission Green Delhi में 1.47 लाख से अधिक दिल्लीवासियों ने भागीदारी की। इतने लोगों का जुड़ना अभियान के सामुदायिक स्वरूप को सामने लाता है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह दिल्ली के लोगों के एक साथ आने की ताकत है। उन्होंने अभियान में योगदान देने वाले प्रत्येक दिल्लीवासी के प्रति आभार जताया। अब सरकार के सामने अगला सवाल यह होगा कि लगाए गए पौधों का संरक्षण किस तरह किया जाता है और उनकी देखभाल की व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है।
रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि दिल्ली ने आज के लिए पौधे लगाए हैं, लेकिन आने वाले कल के लिए इन्हें बचाना भी होगा। यही वजह है कि अब अभियान का फोकस पौधरोपण के साथ-साथ संरक्षण पर रहेगा। दिल्ली में हरित क्षेत्र बढ़ाने की कोशिशों का सीधा संबंध शहर के पर्यावरण, सार्वजनिक हरित स्थानों और लंबे समय में बेहतर शहरी वातावरण से है। हालांकि, पौधरोपण की संख्या के साथ पौधों के लंबे समय तक जीवित रहने और उनकी नियमित देखभाल को भी परिणाम का अहम हिस्सा माना जाना होगा।
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