
प्रधानमंत्री जन धन योजना (PM Jan Dhan Yojana) के 12 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे देश के करोड़ों गरीब परिवारों की आर्थिक पहचान और आत्मविश्वास से जोड़ते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब बैंक खाता होना लाखों गरीब परिवारों के लिए किसी सपने से कम नहीं था, लेकिन आज यही सपना करोड़ों लोगों की हकीकत बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई जन धन योजना ने गरीबों की मेहनत, उनकी बचत और उन्हें औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का काम किया है। उनके मुताबिक, आज 59 करोड़ से अधिक जन धन खाते इस बदलाव की जीवंत मिसाल हैं।
कभी बैंक खाता होना भी देश के करोड़ों गरीब परिवारों के लिए एक दूर का सपना था। मेहनत उनकी थी, बचत उनकी थी, लेकिन आर्थिक व्यवस्था में उनकी हिस्सेदारी बहुत सीमित थी।
12 वर्ष पहले प्रधानमंत्री जन धन योजना ने इस तस्वीर को बदलना शुरू किया। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के… pic.twitter.com/YriyjWn59l— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 28, 2026
रेखा गुप्ता ने कहा कि पहले गरीब परिवारों की कमाई और बचत तो होती थी, लेकिन बैंकिंग व्यवस्था तक उनकी पहुंच बेहद सीमित थी। ऐसे में सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में जन धन योजना ने इस तस्वीर को बदल दिया। अब करोड़ों लोगों के पास अपना बैंक खाता है, जिससे न केवल उनकी बचत सुरक्षित हुई बल्कि उन्हें आर्थिक व्यवस्था में बराबरी का स्थान भी मिला।
मुख्यमंत्री ने योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को बताया। उन्होंने कहा कि करीब 56 प्रतिशत जन धन खाते महिलाओं के नाम पर हैं। उनके मुताबिक, जो महिलाएं पहले घर की छोटी-छोटी जरूरतों के बीच बचत संभालती थीं, आज वही अपने नाम के बैंक खाते के जरिए आर्थिक फैसलों में मजबूत भागीदार बन रही हैं। इससे महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि जन धन योजना सिर्फ बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं रही। इसने गरीबों के श्रम को सम्मान दिया, उनकी बचत को सुरक्षा दी और यह भरोसा जगाया कि देश की प्रगति में उनका भी समान अधिकार और समान स्थान है। उन्होंने कहा कि यही आत्मविश्वास विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत 28 अगस्त 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इसका उद्देश्य हर परिवार तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना और वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाना था। योजना के तहत लोगों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिनमें शामिल हैं-
इन सुविधाओं ने खासकर ग्रामीण इलाकों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जन धन योजना, आधार और मोबाइल (JAM ट्रिनिटी) के संयोजन ने सरकारी योजनाओं के वितरण में बड़ा बदलाव लाया है। इससे सब्सिडी और अन्य सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचने लगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई और पारदर्शिता बढ़ी। उज्ज्वला योजना, पीएम किसान, मनरेगा, वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी कई योजनाओं का लाभ करोड़ों लोगों तक सीधे पहुंचाने में जन धन खाते महत्वपूर्ण माध्यम बने हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जब देश का गरीब, महिला, किसान और श्रमिक आर्थिक रूप से सशक्त होगा, तभी विकसित भारत का सपना मजबूत होगा। उनके अनुसार, जन धन योजना ने करोड़ों लोगों को सिर्फ बैंकिंग सुविधा नहीं दी, बल्कि उन्हें देश की आर्थिक मुख्यधारा से जोड़कर आत्मसम्मान और भरोसा भी दिया है।
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