
गांधीनगर, 8 मई: जल संरक्षण के प्रति प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने 4 अप्रैल को कैच द रेन - सुजलाम सुफलाम जल अभियान 2.0 की शुरुआत की थी। अब यह अभियान एक महीने से अधिक समय पूरा कर चुका है, और इस अल्प अवधि में ही राज्य सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए कुल 10,523 लक्षित कार्यों में से 5 मई तक के आँकड़ों के अनुसार 1300 कार्यों पर अमल शुरू कर दिया है, जबकि 317 कार्य पूरी तरह से पूर्ण कर लिए गए हैं।
सुजलाम सुफलाम जल अभियान 2.0 के तहत जल संरक्षण और ग्रामीण अवसंरचना के क्षेत्र में महेसाणा जिले ने उल्लेखनीय नेतृत्व दिखाया है। जिले में अब तक 416 कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा चुका है, जो राज्य के सभी जिलों में सबसे अधिक है। इसके बाद बानासकांठा (159), भरूच (139), आणंद (121), देवभूमि द्वारका (114), गिर सोमनाथ (99) और पोरबंदर (93) जैसे जिले अग्रणी स्थानों पर हैं, जो अभियान की गति को मजबूत कर रहे हैं। इसके अलावा बोटाद (91), अहमदाबाद (88), नवसारी (74), जामनगर (58),जूनागढ़ (30), अमरेली (23), भावनगर (20), साबरकांठा (20), पाटण (16), गांधीनगर (12) और पंचमहल (10) ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है।
सुजलाम सुफलाम जल अभियान 2.0 के तहत 36 विभिन्न श्रेणियों में कार्यों का संचालन किया जा रहा है। इनमें तालाबों के गहरीकरण की गतिविधि सबसे अधिक सक्रिय रही है। वर्ष 2025 के लिए निर्धारित 1859 लक्ष्यों में से अब तक 450 कार्य प्रगति पर हैं और 4 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। अन्य प्रमुख गतिविधियों में बोरवेल रिचार्ज के लिए तय 660 लक्ष्यों में से 149 कार्यों पर काम जारी है, जबकि चेक डैम डीसिल्टिंग की 1,990 परियोजनाओं में से 133 पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। वहीं चेक डैम रिपेयरिंग के लिए कुल 826 कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, नहर संरचना की सफाई, वर्षा जल नालों का रखरखाव, और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसी विभिन्न गतिविधियाँ भी अभियान में शामिल हैं।
सुजलाम सुफलाम जल अभियान 2.0 के तहत विभागवार क्रियान्वयन की बात करें तो गुजरात का जल संसाधन विभाग 5,734 योजनाबद्ध कार्यों के साथ सबसे आगे है, जो राज्य के जल संरक्षण प्रयासों में उसकी प्रमुख भूमिका को दर्शाता है। वर्तमान में विभाग के 632 कार्य सक्रिय रूप से प्रगति पर हैं। इसके बाद ग्रामीण विकास विभाग 2,244 कार्यों के लक्ष्य के साथ दूसरे स्थान पर है, जिसमें से 478 कार्यों पर अमल शुरू हो चुका है। अन्य प्रमुख विभागों में जल आपूर्ति विभाग 796 कार्यों, पंचायत और ग्रामीण आवास विभाग 600 कार्यों, तथा महानगरपालिकाओं और नगरपालिकाओं द्वारा 644 कार्यों का क्रियान्वयन प्रस्तावित है।
SSJA 2.0 के तहत क्रियान्वयन विधियों को इस वर्ष तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है जिसमें MGNREGA, जन सहभागिता, और विभागीय कार्य शामिल हैं। इस अभियान के मास्टर प्लान के तहत 2,240 कार्य MGNREGA के तहत किए जाने का लक्ष्य है और अब तक इसमें से 476 कार्यों को लागू करने और 213 कार्यं को पूरा करने के साथ MGNREGA सबसे आगे है।
वहीं, विभागीय कार्यों के देखें तो इसके तहत 4,227 कार्य किए जाने हैं जिसमें से अब तक 387 कार्य प्रगति पर हैं और 60 कार्य पूरे हो चुके हैं। और अंत में, जन भागीदारी की बात करें तो इसके तहत 4,056 कार्यों को संपादित करने का लक्ष्य तय किया गया है और अब तक 437 कार्य प्रगति पर और 44 कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, इस पूरे अभियान के तहत किए गए इन कार्यों से अब तक 68,586 मानव-दिनों का भी सृजन हुआ है।
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