
CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 अगस्त को आगर मालवा में आयोजित भव्य कलश यात्रा को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा का मूल भाव सभी को साथ लेकर चलना और समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कलश यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं रहते। ये समाज में प्रेम, भाईचारे और एकजुटता को मजबूत करने का काम करते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति में जल के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि कलश जीवन और देवत्व का प्रतीक है। इसलिए ऐसी यात्राएं जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देती हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि आगर मालवा की पहचान लंबे समय से आस्था, संस्कृति और परंपराओं से रही है। यहां धार्मिक आयोजनों को लोगों ने हमेशा सामाजिक एकता से जोड़कर देखा है। उन्होंने कहा कि आगर मालवा में निकली भव्य कलश यात्रा श्रद्धा और मंगल भावना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, ऐसे आयोजन लोगों को अपनी जड़ों, संस्कारों और परंपराओं से जोड़ते हैं। खासकर बच्चों और युवाओं के लिए इन आयोजनों की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनके जरिए नई पीढ़ी अपनी संस्कृति को करीब से समझती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलश यात्रा में महिलाओं की बड़ी भागीदारी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति की सहभागिता भारतीय परंपरा और सामाजिक एकजुटता की सुंदर तस्वीर पेश करती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए लगातार काम कर रही है। उनका कहना था कि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझे और उनसे जुड़े, यह सिर्फ सरकार नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का जोर सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ किसानों के कल्याण और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए भी राज्य में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार आस्था, पर्यटन और संस्कृति को आपस में जोड़कर प्रदेश में विकास की नई संभावनाएं तलाश रही है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार आगर मालवा में विकास कार्यों, सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिले में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के साथ विकास की जरूरतों पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगर मालवा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को पर्यटन की संभावनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक विरासत स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं की अगवानी में आगर मालवा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसे देखते हुए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के लिए व्यवस्थाओं को समय रहते मजबूत करना जरूरी है, ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलश यात्रा के अवसर पर लोगों से स्वच्छता, सेवा, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है।
उन्होंने जल संरक्षण को विशेष महत्व देते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में जल को जीवन का आधार माना गया है। ऐसे में कलश यात्रा जैसे आयोजनों से लोगों को पानी बचाने और प्रकृति की रक्षा करने का संदेश भी दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं। इनके जरिए लोगों के बीच आपसी मेलजोल बढ़ता है और सामाजिक रिश्ते मजबूत होते हैं।
उन्होंने आगर मालवा की कलश यात्रा को इसी परंपरा का हिस्सा बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों को सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी से जोड़ने की जरूरत है। आस्था के साथ स्वच्छता, सेवा, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण का संदेश आगे बढ़े, यही इन आयोजनों की बड़ी उपलब्धि होगी।
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