
लखनऊ। बेहतर नीति, मजबूत इच्छाशक्ति और आधुनिक सोच के सहारे इटावा की एक ग्रामीण महिला ने नई मिसाल कायम की है। भतोरा गांव की रहने वाली मंत्रवती शाक्य, जो कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं, आज गांव में रहकर स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट और रागी की खेती से सालाना करीब तीन लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। यह कहानी इटावा मुख्यालय से लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित भतोरा गांव की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रूरल डेवलपमेंट की विशेष योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से प्रदेशभर की महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें आधुनिक खेती का प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार से जुड़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। इसी योजना का लाभ लेकर मंत्रवती शाक्य ने अपनी किस्मत बदल दी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ने के बाद मंत्रवती ने पारंपरिक खेती से हटकर लाभकारी और बाजारोन्मुख फसलों को अपनाया। आठवीं तक पढ़ी मंत्रवती ने साबित कर दिया कि हुनर और मेहनत के आगे कठिनाइयां टिक नहीं पातीं। कोरोना काल जैसे चुनौतीपूर्ण समय में उन्होंने अपने भविष्य की मजबूत नींव रखी।
मंत्रवती एक बीघा भूमि में स्ट्रॉबेरी की खेती करती हैं, जिसकी फसल अक्टूबर से मार्च तक तैयार होती है। इसके अलावा, तीन बीघा में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रही हैं, जिसकी कटाई छह महीने में होती है। साथ ही वह रागी जैसे मोटे अनाज की खेती भी करती हैं, जो पांच से छह महीने में तैयार हो जाती है। इन फसलों से उन्हें सालभर स्थायी और भरोसेमंद आय मिल रही है।
मंत्रवती अब सिर्फ अपनी ही नहीं, बल्कि अन्य महिलाओं की जिंदगी भी संवार रही हैं। वह जिले के विभिन्न ब्लॉकों की 50 से अधिक महिलाओं को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। उनका कहना है कि 12 से 15 महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाकर आसानी से काम शुरू किया जा सकता है।
मंत्रवती बताती हैं कि ब्लॉक स्तर पर एनआरएलएम कार्यालय में तैनात समूह सखी महिलाओं को हर स्तर पर सहयोग देती हैं। बैंक खाता खुलवाने से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तक, समूह सखी पूरा मार्गदर्शन करती हैं। इसके लिए केवल आधार कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो की आवश्यकता होती है।
मंत्रवती शाक्य की उपलब्धियों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें दो बार सम्मानित कर चुके हैं। अब उनके लिए यह गर्व का क्षण है कि वह गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में प्रदेश की ओर से विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
मंत्रवती की कहानी यह साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन, धैर्य और अवसर मिले, तो गांव की महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। योगी सरकार की योजनाओं के सहारे आज मंत्रवती न सिर्फ अपने परिवार का सहारा हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी हैं।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में कृषि और गैर-कृषि क्षेत्र से 30 लाख स्वयं सहायता समूह महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। आने वाले वर्षों में यह संख्या बढ़ाकर एक करोड़ ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचाने की योजना है।
इस अभियान के तहत ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जो खुद आत्मनिर्भर बनें और आसपास की अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ाएं। सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन को मिशन बनाकर महिलाओं को तकनीकी सहायता, एक्सपर्ट ट्रेनिंग, प्रोडक्ट निर्माण और पैकेजिंग तक की जानकारी दी जा रही है।
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