उत्तर प्रदेश में PM आवास योजना के लाभार्थियों को मिली राहत! अब रद्द आवंटन को एक साल तक पूरी राशि चुकाकर फिर से प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन क्या आप इस अवसर का फायदा उठा पाएंगे? जानिए नई शर्तों के बारे में!
उत्तर प्रदेश आवास और विकास परिषद ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। यदि किसी लाभार्थी का आवंटन वित्तीय कारणों से रद्द हो जाता है, तो अब वे इसे एक साल तक पुनः प्राप्त कर सकते हैं, बशर्ते इकाई पुनः आवंटित न की गई हो।
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आवंटन की वापसी के नियम
रद्द किए गए पीएमएवाई आवंटन को अब एक साल तक पूरी राशि का भुगतान करके पुनः प्राप्त किया जा सकता है। पहले यह समय सीमा एक महीने की थी, लेकिन इसे बढ़ाकर एक वर्ष कर दिया गया है, जिससे लाभार्थियों को वित्तीय समस्याओं का समाधान मिल सके।
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वित्तीय बाधाओं के कारण रद्द आवंटन
कई लाभार्थी निम्न आय वर्ग से आते हैं और पैसे की कमी के कारण समय सीमा में राशि जमा नहीं कर पाते थे। अब उन्हें एक साल का समय मिल गया है, ताकि वे अपनी इकाई को पुनः प्राप्त कर सकें। इस फैसले से बड़े राहत की उम्मीद है।
अगर किसी लाभार्थी का पीएमएवाई आवंटन रद्द हो गया है, तो उसे पुनः प्राप्त करने के लिए पूरी राशि का भुगतान करना होगा, जिसमें ब्याज, दंड और पंजीकरण शुल्क भी शामिल हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इकाई का पुनः आवंटन न हो।
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आवंटन रद्दीकरण के आंकड़े
हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश में 400 से अधिक पीएमएवाई आवंटन रद्द किए गए हैं। इन लोगों को अब एक साल तक अपनी इकाइयों को पुनः प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। सरकार ने इस बदलाव के पीछे लाभार्थियों की स्थिति को समझते हुए यह निर्णय लिया है।
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विशेष शिविरों का आयोजन
पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने के लिए, यूपी आवास एवं विकास परिषद ने पीएमएवाई से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया है। इन शिविरों में लाभार्थियों को अपनी समस्याओं का समाधान मिलेगा।
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पट्टे पर भूमि आवंटन में संशोधन
सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों के लिए पट्टे पर भूमि के नियमों में भी संशोधन किया गया है। अब, ये संस्थान 15 साल के बाद प्रति वर्ष नीलामी मूल्य का 10 प्रतिशत भुगतान करके समय सीमा बढ़ा सकते हैं, जो पहले 40 प्रतिशत था।
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