
देहरादून। अगर आप बद्रीनाथ धाम के दर्शन करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। मंदिर समिति ने बताया है कि 'भू-वैकुंठ' के नाम से मशहूर बद्रीनाथ धाम के कपाट सर्दियों के लिए 16 नवंबर को रात 9:37 बजे बंद कर दिए जाएंगे।
भगवान बद्री विशाल का यह पवित्र मंदिर हिमालय की वादियों में बसा है। हर साल चार धाम यात्रा के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड शुरू होते ही मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, जिसके साथ ही इस साल की यात्रा का समापन हो जाएगा।
वैष्णव संप्रदाय के लिए बद्रीनाथ बहुत खास है। यह भगवान विष्णु के 108 'दिव्य देशम' में से एक माना जाता है। इसके अलावा, बद्रीनाथ शहर 'पंच बद्री' मंदिरों का भी हिस्सा है। इन पांच मंदिरों में बद्रीनाथ के साथ-साथ योग ध्यान बद्री, भविष्य बद्री, आदि बद्री और वृद्ध बद्री शामिल हैं।
आपको बता दें कि बद्रीनाथ मंदिर को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला है गर्भगृह, दूसरा दर्शन मंडप (जहां पूजा-पाठ होता है) और तीसरा सभा मंडप, जहां भक्त दर्शन के लिए इकट्ठा होते हैं।
इस बीच, यात्रा मार्ग पर एक हादसे की भी खबर है। अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर की शुरुआत में ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर पाली पुलिया के पास एक टैक्सी गहरी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों को बचा लिया गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
कीर्ति नगर के एसडीएम (SDM) पंकज भट्ट ने बताया कि यह गाड़ी चंडीगढ़ से आ रही थी। कार में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई और तीन को सुरक्षित निकाल लिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही चकराता से एसडीआरएफ की एक टीम सब-इंस्पेक्टर जसपाल सिंह की अगुवाई में मौके पर भेजी गई थी। टीम ने देखा कि कार सड़क से करीब 35 मीटर नीचे खाई में गिरी हुई थी।
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