
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों से मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य और सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मौसम, भूस्खलन और यातायात जैसी चुनौतियों पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर मौसम और भूस्खलन की स्थिति की निरंतर निगरानी की जाए। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहें और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए। उन्होंने आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू हो सकें, इसके लिए पहले से जरूरी इंतजाम रखने के निर्देश दिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि किसी भी घटना के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय प्रशासन हर स्थिति के लिए तैयार रहे।
यात्रा मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री ने होल्डिंग एरिया में जरूरी सुविधाएं व्यवस्थित रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक जाम या इंतजार की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन व्यावहारिक और प्रभावी होना चाहिए। भीड़ बढ़ने की स्थिति में वाहनों और यात्रियों की आवाजाही को योजनाबद्ध तरीके से नियंत्रित किया जाए।
श्री यमुनोत्री धाम में भीड़ और आवागमन की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने धाम से करीब 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने और खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में जरूरी कार्रवाई करने को कहा।
पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही अलग-अलग और व्यवस्थित तरीके से हो, इस पर भी उन्होंने जोर दिया। सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने।
मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में तय मानकों का कड़ाई से पालन कराने को कहा। उन्होंने पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी की आवाजाही नियंत्रित और व्यवस्थित रहे। जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था भी तैयार रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। वहीं गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण और गड्ढामुक्त करने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और स्यानाचट्टी क्षेत्र में खास सतर्कता बरतने को कहा। ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के साथ ही मार्ग बंद होने की स्थिति में उसे जल्द खोलने के लिए जरूरी मशीनरी उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए।
चारों धामों में मौसम की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के लिए अलाव समेत जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने खास तौर पर श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों को समय पर इलाज मिल सके।
मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था मजबूत करने के लिए संबंधित विभागों और दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, बिजली, प्रकाश और शटल सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण कराने के निर्देश भी दिए, ताकि श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
हेली सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराए जाएं। तय किराए से अधिक वसूली या अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए हेली सेवाओं का संचालन करने और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन, प्रशासन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड के तीर्थ-पर्यटन केंद्रों, पहाड़ी इलाकों, मौसम, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ें। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी ज़िलों की रिपोर्ट्स के लिए Uttarakhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय और विस्तृत राज्य कवरेज यहीं।