Chardham Yatra Update: श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर, मौसम सुधरा-फिर शुरू हुई यात्रा

Published : Sep 28, 2026, 03:10 PM IST
Garhwal Commissioner Anand Swarup (Photo/ANI)

सार

उत्तराखंड में मौसम सुधरने के बाद चारधाम यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है। वहीं, केदारनाथ रूट पर भूस्खलन के कारण फंसे करीब 1500 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

देहरादून। चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। मौसम में सुधार होने के बाद चारधाम यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है। गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने बताया कि सभी संबंधित जिलाधिकारियों (डीएम) को इस बारे में निर्देश दे दिए गए हैं। मौसम विभाग के अलर्ट और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 26 सितंबर की दोपहर से 27 सितंबर तक यात्रा रोक दी गई थी। एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, अब मौसम साफ हो गया है, इसलिए यात्रा को दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया है।

कमिश्नर आनंद स्वरूप ने कहा कि सभी डीएम अपने-अपने जिलों के हालात देखकर यात्रा को लेकर जरूरी फैसले ले सकते हैं। अगर कहीं रास्ता बंद होता है, भारी बारिश होती है या मौसम खराब होता है, तो डीएम अपने स्तर पर यात्रा को कुछ समय के लिए रोक सकते हैं। प्रशासन के लिए यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस बीच, रविवार देर रात केदारनाथ रूट पर चीरबासा के पास लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की वजह से करीब 1,500 यात्री फंस गए थे। इन सभी को एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और डीडीआरएफ (DDRF) की संयुक्त टीमों ने सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड पहुंचा दिया है।

रविवार देर रात रुद्रप्रयाग जिला नियंत्रण कक्ष (DCR) ने सोनप्रयाग पुलिस को सूचना दी थी कि लैंडस्लाइड के कारण गौरीकुंड से करीब तीन किलोमीटर दूर चीरबासा के पास कई यात्री फंस गए हैं। खबर मिलते ही सब-इंस्पेक्टर आशीष डिमरी के नेतृत्व में एसडीआरएफ सोनप्रयाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने देखा कि चीरबासा हेलीपैड के पास मलबा गिरने से रास्ता बंद हो गया था। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे, जिससे वहां से गुजरना बहुत खतरनाक था। हालात को देखते हुए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

टीमों ने यात्रियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए उन्हें लैंडस्लाइड वाले इलाके से सावधानी से पार कराया। करीब 1,500 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी तरफ ले जाया गया और फिर उन्हें गौरीकुंड भेज दिया गया। प्रशासन ने सभी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही अपनी यात्रा शुरू करें और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें।

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