
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को टपकेश्वर महादेव जी की शोभा यात्रा में शामिल हुए। यह शोभा यात्रा अरहट बाज़ार में शिवाजी धर्मशाला से शुरू हुई और देहरादून के मुख्य रास्तों से होते हुए टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी।
इस मौके पर धामी ने शोभा यात्रा से जुड़े सभी श्रद्धालुओं और संतों को बधाई दी। उन्होंने श्रावण के पवित्र महीने में होने वाले इस आयोजन के धार्मिक महत्व पर भी जोर दिया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा,
सबसे पहले, मैं सभी श्रद्धालुओं और उन पूज्य संतों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं, जो हर साल होने वाली इस भव्य टपकेश्वर महादेव शोभा यात्रा का आयोजन करते हैं। इस यात्रा में भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है। श्रावण के पवित्र महीने में होने वाले इस आयोजन में भगवान भोलेनाथ की पूजा और अभिषेक के साथ-साथ यह भव्य शोभा यात्रा भी निकाली जाती है। अभी चार धाम यात्रा चल रही है और सितंबर में इसका दूसरा चरण शुरू होगा। मानसून के मौसम में सड़कों और यात्रा को लेकर अक्सर चुनौतियां आती हैं, लेकिन अब हम अगले चरण के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हम हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ मेले के लिए भी व्यापक तैयारी कर रहे हैं, ताकि भक्तों के लिए सभी इंतजाम सही तरीके से किए जा सकें।
देहरादून में टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ कर देवाधिदेव महादेव से समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की प्रार्थना की।
इय अवसर पर महंत श्री कृष्णा गिरी महाराज जी, महंत श्री दिगम्बर भरत गिरी महाराज जी भी उपस्थित रहे। pic.twitter.com/33eIllnodu— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 26, 2026
मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों की वापसी और उत्तराखंड में एक विशेष 'अग्निवीर सेल' की स्थापना के लिए राज्य सरकार की तैयारियों के बारे में भी बताया। अग्निवीर सेल पर धामी ने कहा कि इस पहल का मकसद सेना में अपनी सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों को रोजगार के मौके देना है। साथ ही, सेना में मिले उनके प्रशिक्षण और कौशल का भी इस्तेमाल करना है। CM ने कहा,
पूरे देश में, देश की सेवा करने वाला हर पांचवां सैनिक उत्तराखंड से है। यहां का हर परिवार फौज से जुड़ा है, और यह रिश्ता सिर्फ आज का नहीं, बल्कि पीढ़ियों का है। मैं खुद भी एक सैनिक का बेटा हूं और उसी नजरिए से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहा हूं। अग्निवीर सेल बनाने का मकसद यह पक्का करना है कि सेवा से लौटने वाले सभी अग्निवीरों को यहां किसी न किसी रूप में रोजगार के अवसर मिलें। हम चाहते हैं कि उनकी सेवा जारी रहे। उन्हें जो बेहतरीन ट्रेनिंग और शिक्षा मिलती है, उसकी बदौलत वे हर तरह से फिट होंगे और किसी भी क्षेत्र में काम करने के काबिल होंगे। हम पहले बैच के आने की तैयारी कर रहे हैं और कैबिनेट ने इस खास अग्निवीर सेल को पहले ही मंजूरी दे दी है। हम इस पर तेजी से काम कर रहे हैं। 'देवभूमि' में सैनिकों की संख्या बहुत ज्यादा है और हमारे सैनिक और उनके परिवार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से हैं।
यह शोभा यात्रा प्रतिष्ठित टपकेश्वर महादेव मंदिर में समाप्त होगी, जिसमें श्रद्धालु इस वार्षिक धार्मिक जुलूस में हिस्सा ले रहे हैं।
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