कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: टनकपुर से पहले जत्थे को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया रवाना

Published : Jul 05, 2026, 02:19 PM IST
Pushkar Singh Dhami

सार

टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले जत्थे को रवाना कर श्रद्धालुओं की सफल यात्रा की कामना की। 

उत्तराखंड से संचालित पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा का रविवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर स्थित शारदा पर्यटक आवास गृह से यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, मंगलमय और सफल यात्रा की कामना की।

मुख्यमंत्री के आगमन पर पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। पुलिस की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी यात्रियों का रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर अभिनंदन किया तथा उनसे व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा: आस्था, आध्यात्म और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का भी सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की विशेष कृपा से ही किसी श्रद्धालु को इस पवित्र यात्रा में शामिल होने का अवसर मिलता है। उन्होंने यात्रियों से कहा कि यात्रा के दौरान आने वाली हर चुनौती का सामना धैर्य, विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ करें। भगवान भोलेनाथ पर अटूट आस्था कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी आसान बना देती है।

टनकपुर मार्ग से यात्रा से सीमांत क्षेत्रों को मिलेगा विकास का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस यात्रा के माध्यम से देशभर के श्रद्धालु सीमांत गांवों की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जीवन से परिचित होते हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और अन्य स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी करें, जिससे स्थानीय व्यापारियों और कारीगरों को आर्थिक लाभ मिल सके।

सनातन संस्कृति के संरक्षण पर सरकार का विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। प्राचीन मंदिरों का पुनरुद्धार, धार्मिक स्थलों का विकास और उनके सौंदर्यीकरण के जरिए भारत की आध्यात्मिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भगवान शिव से सभी की सफल और सुखद यात्रा की प्रार्थना की।

श्रद्धालुओं ने यात्रा व्यवस्थाओं की सराहना की

यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की खुलकर प्रशंसा की। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु अनिल कुमार जैन सहित अन्य यात्रियों ने कहा कि इस बार सुरक्षा, सुविधा और प्रबंधन पहले से अधिक बेहतर है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

टनकपुर में पारंपरिक अंदाज में हुआ पहले जत्थे का स्वागत

शनिवार शाम टनकपुर पहुंचे पहले जत्थे का देवभूमि उत्तराखंड की परंपराओं के अनुरूप छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी हुआ, जिसमें उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोक कलाओं की रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं।

49 श्रद्धालुओं का पहला दल, 13 राज्यों के यात्री शामिल

शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि पहले दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं। इनमें 34 पुरुष और 15 महिला श्रद्धालु हैं। इस जत्थे में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालु शामिल हैं। यह विविधता भारत की सांस्कृतिक एकता और अखंडता को दर्शाती है।

सबसे वरिष्ठ और सबसे युवा श्रद्धालु भी बने यात्रा का हिस्सा

पहले जत्थे के साथ तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में यात्रा कर रहे हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल इस दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु हैं। यह दर्शाता है कि भगवान शिव के प्रति आस्था हर आयु वर्ग के लोगों में समान रूप से मौजूद है।

लगातार दूसरे वर्ष टनकपुर मार्ग से हो रही कैलाश मानसरोवर यात्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष टनकपुर मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालित की जा रही है। इससे चम्पावत जिले को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिली है। साथ ही स्थानीय होटल, परिवहन, व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

हर-हर महादेव के जयघोष के बीच रवाना हुआ पहला जत्था

हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच पहले जत्थे के रवाना होने से पूरे टनकपुर में आध्यात्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। एक बार फिर देवभूमि उत्तराखंड ने अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और अतिथि सत्कार की अनूठी मिसाल पेश की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मंडल आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार, आईटीबीपी, सेना, एसएसबी, ग्रेफ के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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