
हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को 'हरिद्वार कुंभ मेला-2027' का आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और थीम सॉन्ग लॉन्च कर दिया है। इस कदम का मकसद इस भव्य आयोजन की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को दुनिया भर में पहुंचाना है।
इन तीनों पहलों के जरिए कुंभ की खास पहचान को देश-विदेश के लोगों तक पहुंचाया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म से आयोजन की हर जानकारी आसानी से मिलेगी और इस बड़े धार्मिक समागम का संदेश आम लोगों तक पहुंचेगा।
धर्मनगरी हरिद्वार में "हरिद्वार कुंभ-2027" की वेबसाइट, गीत और आधिकारिक लोगो लॉन्च किया। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के कुशल नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार हरिद्वार कुंभ-2027 को भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कुंभ की आधिकारिक वेबसाइट https://t.co/YaMeQXbHuT के माध्यम से श्रद्धालुओं और आगंतुकों को आयोजन से जुड़ी प्रामाणिक जानकारियां डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगी। यह ऐतिहासिक आयोजन देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और गौरवशाली विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ ही भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक वैभव को भी प्रदर्शित करेगा। इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्रीगण उपस्थित रहे।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 12, 2026
<br>हरिद्वार में मेला नियंत्रण भवन (CCR) के ऑडिटोरियम में इस लॉन्च इवेंट का आयोजन हुआ। यहां सीएम धामी ने कहा कि कुंभ भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं, सनातन संस्कृति और सामूहिक आस्था का एक बहुत बड़ा उत्सव है। उन्होंने बताया कि करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार कुंभ का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि राज्य सरकार 2027 में एक दिव्य और भव्य कुंभ मेला आयोजित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।<br></p><p>तीर्थयात्रियों के लिए इस आयोजन को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गाना कुंभ की पहचान को प्रभावी ढंग से पेश करने और आम लोगों को इस आयोजन से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे।<br></p><div type="dfp" position=3>Ad3</div><p>हरिद्वार कुंभ-2027 के आधिकारिक लोगो में हरिद्वार की धार्मिक पहचान, मां गंगा के प्रति श्रद्धा और सनातन परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। इसमें मां गंगा, हर की पैड़ी क्षेत्र, धनुष पुल और सूर्योदय की दिव्य चमक को दिखाया गया है। इसके साथ ही लोगो में भगवान शिव की मूर्ति, साधु-संतों, त्रिशूल और डमरू (सनातन परंपराओं के प्रतीक) के अलावा मां मनसा देवी और मां चंडी देवी की पहाड़ियों को भी उकेरा गया है।<br><img class="img-responsive" src="https://aniportalimages.s3.amazonaws.com/media/details/ANI-20261012123422.jpeg" alt=""><br>ये सभी चीजें हरिद्वार के आध्यात्मिक महत्व और कुंभ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं। इस लोगो का इस्तेमाल आयोजन से जुड़े सभी प्रचार सामग्री, प्रकाशनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। इससे कुंभ की एक अलग पहचान बनेगी और इसके प्रचार-प्रसार में मदद मिलेगी।<br></p><p>कुंभ मेला-2027 का आधिकारिक लोगो डिजाइन करने के लिए मेला प्रशासन ने पूरे उत्तराखंड के युवाओं और छात्रों से एंट्री मांगी थी। सैकड़ों डिजाइनों को देखने के बाद, चयन समिति ने 13 सबसे बेहतरीन और ओरिजिनल डिजाइनों को शॉर्टलिस्ट किया। इनमें से हरिद्वार के विकासनगर (जगजीतपुर) की रहने वाली मधु शर्मा के डिजाइन को सबसे अच्छा चुना गया और उसी के आधार पर यह आधिकारिक लोगो तैयार हुआ है।<br>आधिकारिक वेबसाइट के लॉन्च होने से आयोजन से जुड़ी हर जानकारी लोगों तक आसानी से पहुंचेगी। इससे देश-विदेश के श्रद्धालु कुंभ से जुड़ सकेंगे। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी देने के साथ-साथ हरिद्वार की धार्मिक पहचान को बड़े दर्शकों तक पहुंचाएगा।<br></p><p>इस कार्यक्रम का एक और बड़ा आकर्षण कुंभ मेला-2027 के आधिकारिक थीम सॉन्ग का लॉन्च होना था। "साधु और संतों के मन में हर्ष छा गया, कुंभ का पर्व आ गया" बोल वाले इस गाने में आने वाले कुंभ को लेकर उत्साह, साधु-संतों की खुशी और भक्तों की गहरी आस्था को पिरोया गया है।<br><img class="img-responsive" src="https://aniportalimages.s3.amazonaws.com/media/details/ANI-20261012123532.jpeg" alt=""><br>इस गाने को हरिद्वार के ही रहने वाले गायक राघव राजा ने लिखा, गाया और कंपोज किया है। इसका मकसद आम लोगों तक कुंभ का संदेश पहुंचाना और आयोजन के साथ लोगों का सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत करना है। धार्मिक आयोजनों में सामूहिक भावनाओं को व्यक्त करने के लिए संगीत हमेशा से एक ताकतवर माध्यम रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि यह आधिकारिक गाना कुंभ की परंपराओं, उत्सवी माहौल और आध्यात्मिक छटा को आम जनता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।<br></p><div type="dfp" position=4>Ad4</div><p>हरिद्वार कुंभ-2027 उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को एक बड़े मंच पर दिखाने का शानदार मौका है। आधिकारिक लोगो इस आयोजन को एक खास विजुअल पहचान देगा, वेबसाइट से डिजिटल रूप से जानकारी फैलेगी, और गाना कुंभ के आने की खुशी और भावनाओं को व्यक्त करेगा। इन तीनों माध्यमों के एक साथ इस्तेमाल से कुंभ के धार्मिक महत्व, सांस्कृतिक भव्यता और परंपराओं को बड़े पैमाने पर उजागर करने में मदद मिलेगी।<br></p><p>सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपराओं की गरिमा को आधुनिक संचार माध्यमों के साथ जोड़ने से कुंभ का संदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचेगा। इन पहलों से हरिद्वार की धार्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी और दुनिया भर के श्रद्धालुओं को कुंभ के अनूठे महत्व का अहसास होगा। (एएनआई)</p>
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