
हरिद्वार। इंदौर में हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में मिमिक्री विवाद को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है। दरअसल, इस कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की थी, जिसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हो गया।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम धामी ने कहा,
प्रधानमंत्री उम्र और अनुभव दोनों में बहुत वरिष्ठ हैं। उन्होंने देश के लिए किसी भी अन्य प्रधानमंत्री से ज्यादा योगदान दिया है। एक बुजुर्ग महिला के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए, सहयोग और सम्मान की भावना होनी चाहिए। लेकिन, राहुल गांधी एक बुजुर्ग महिला को कुर्सी देने पर प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाते हैं। आप खुद उनकी बुद्धि और मानसिकता का अंदाजा लगा सकते हैं। उनकी समझ, सोच और गरिमा को लेकर वह पूरे देश के सामने पूरी तरह से बेनकाब हो चुके हैं।
इसके साथ ही CM धामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल पर की गई राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर भी उन्हें आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे उत्तराखंड के बेटे का अपमान बताया। सीएम धामी ने कहा,
अजित डोभाल को पुलिस और सशस्त्र बलों दोनों ने सम्मानित किया है। उन्होंने भारत की सुरक्षा को मजबूत करने, आंतरिक ताकत बढ़ाने और सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए दुनिया भर में अथक प्रयास किया है। वह उत्तराखंड के गौरवशाली बेटे हैं और आज राज्य के लोग इस बयान से बहुत गुस्से में हैं। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। सच तो यह है कि सशस्त्र बलों का अपमान करना राहुल गांधी की आदत बन चुकी है, यह उनके रूटीन का हिस्सा है। उनका मकसद सेना से जुड़े लोगों का अपमान करना और सेना की हर उपलब्धि पर शक करना है, चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो या फिर ऑपरेशन सिंदूर।
आपको बता दें कि शनिवार को इंदौर में 'सिस्टम बनाम छात्र' थीम पर 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम हुआ था। इसमें राहुल गांधी ने "देश पर सिस्टम का कब्जा" नाम से एक प्रेजेंटेशन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत के संस्थानों पर राजनीतिक, प्रशासनिक, वैचारिक और कॉर्पोरेट हितों के एक नेटवर्क ने कब्जा कर लिया है, जिसमें उन्होंने डोभाल का भी नाम लिया था। राहुल गांधी ने कहा था,
यह लड़ाई सिस्टम के खिलाफ है। यह सिस्टम क्या है? इस सिस्टम की कई परतें हैं। सबसे ऊपर छह लोग बैठे हैं जो इसे चलाते हैं। नरेंद्र मोदी जी—वह डराने-धमकाने, छात्रों को पीटने, कील लगे डंडों का इस्तेमाल करने और पैलेट गन चलाने का काम देखते हैं। अमित शाह जी इसे लागू करते हैं। यह अजित डोभाल जी हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। अनौपचारिक बातचीत में वह कहते हैं कि भारत को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ 500 लोगों को कंट्रोल करने की जरूरत है। उन्होंने भारत के टेलीफोन, व्हाट्सएप और फेसबुक संचार पर कब्जा कर लिया है। वह फोन टैपिंग करवाते हैं और अमित शाह जी और नरेंद्र मोदी जी को जानकारी देते हैं। बीच में मोहन भागवत जी हैं, जो विचारधारा का काम देखते हैं। उनके संगठन को स्कूल, कॉलेज और संस्थान चलाने के लिए हजारों करोड़ रुपये मिलते हैं। फिर, एक तरफ अडानी जी हैं, और दूसरी तरफ अंबानी जी... सिस्टम ने हर एक संस्थान में अपने लोगों को बिठा रखा है।
वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कार्यक्रम और मिमिक्री परफॉर्मेंस का बचाव करते हुए इसे सिर्फ एक "व्यंग्य" (सटायर) बताया है।
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