
पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। पौड़ी गढ़वाल जिले के खिर्सू विकासखंड में बन रहा आधुनिक स्टेडियम अब निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है। स्टेडियम तैयार होने के बाद क्षेत्र के युवाओं और खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। अब तक कई ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में खिर्सू में खेल का बेहतर आधारभूत ढांचा तैयार होना स्थानीय युवाओं के लिए खास मायने रखता है।
खिर्सू विकासखंड में स्टेडियम निर्माण को क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली अहम परियोजना के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार की ओर से राज्य के विभिन्न हिस्सों में मिनी स्टेडियम विकसित करने की योजना के तहत पौड़ी के खिर्सू में भी मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की गई थी। सरकारी दस्तावेज में खिर्सू समेत 10 मिनी स्टेडियमों के निर्माण के लिए कुल ₹335.604 लाख के बजट प्रावधान का उल्लेख है। इसका मकसद सिर्फ एक खेल मैदान तैयार करना नहीं है। पहाड़ के युवाओं को ऐसी जगह उपलब्ध कराना भी है, जहां वे नियमित अभ्यास कर सकें और स्थानीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता दिखा सकें।
खिर्सू मिनी स्टेडियम से जुड़े निर्माण कार्यों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है। उत्तराखंड सरकार के ई-टेंडर रिकॉर्ड के मुताबिक मिनी स्टेडियम खिर्सू में दर्शक दीर्घा, सड़क और पार्किंग के निर्माण के लिए ₹1.4913 करोड़ की निविदा जारी की गई थी। इस कार्य के लिए 270 दिनों की अवधि निर्धारित की गई थी। इससे साफ है कि परियोजना को केवल मैदान तक सीमित नहीं रखा गया है। खिलाड़ियों के साथ प्रतियोगिताएं देखने पहुंचने वाले लोगों और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए सहायक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
उत्तराखण्ड में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पौड़ी गढ़वाल के खिर्सू विकासखंड में आधुनिक स्टेडियम का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है।#Uttarakhand#PauriGarhwal pic.twitter.com/5EFtzLIe6n
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) September 9, 2026
खिर्सू और आसपास के क्षेत्रों में खेलों को लेकर युवाओं की भागीदारी पहले से दिखाई देती रही है। हाल के खेल आयोजनों में खिर्सू ब्लॉक की टीमों ने कबड्डी और खो-खो जैसी प्रतियोगिताओं में भी प्रदर्शन किया है। ऐसे में स्थायी और बेहतर खेल सुविधा उपलब्ध होने का सीधा फायदा उन खिलाड़ियों को मिल सकता है, जिन्हें अभी अभ्यास के लिए उपलब्ध सीमित मैदानों पर निर्भर रहना पड़ता है। खास तौर पर फुटबॉल, एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो और अन्य स्थानीय खेलों के खिलाड़ियों के लिए नियमित अभ्यास की सुविधा तैयार होने से प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर ही बेहतर माहौल मिल सकता है।
राज्य में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। उदाहरण के तौर पर पौड़ी जिले में 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के चयन ट्रायल आयोजित किए गए। चयनित खिलाड़ियों को सालभर ₹1,500 प्रतिमाह छात्रवृत्ति देने का प्रावधान बताया गया है।
वहीं, अगस्त 2026 में पौड़ी के रांसी स्टेडियम में मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत करीब 500 बालक-बालिकाओं ने विभिन्न आयु वर्गों की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इससे भी संकेत मिलता है कि जिले में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें मंच देने की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
स्टेडियम का निर्माण पूरा होने के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि खिर्सू और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर अभ्यास स्थल मिल सकेगा। इससे जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी करने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा यहां खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होने से स्थानीय स्तर पर खेल का माहौल मजबूत होने की उम्मीद है। स्कूलों और युवा खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के लिए जगह मिलेगी और उभरती प्रतिभाओं की पहचान करना भी आसान हो सकता है।
हालांकि, किसी भी खेल परियोजना का वास्तविक लाभ सिर्फ भवन या मैदान तैयार होने से नहीं मिलता। इसके लिए नियमित कोचिंग, प्रशिक्षकों की उपलब्धता, खेल उपकरण, रखरखाव और प्रतियोगिताओं का लगातार आयोजन भी जरूरी होगा। खिर्सू स्टेडियम के मामले में आगे की चुनौती यही होगी कि तैयार हो रही सुविधा का इस्तेमाल लगातार और प्रभावी तरीके से हो।
खिर्सू में आधुनिक स्टेडियम का निर्माण अंतिम चरण में पहुंचना क्षेत्र के लिए निश्चित रूप से अच्छी खबर है। पहाड़ी इलाकों में खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है और स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि स्टेडियम का निर्माण पूरी तरह कब पूरा होता है और खिलाड़ियों के लिए इसे नियमित रूप से कब खोला जाता है। अगर यहां बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और नियमित प्रतियोगिताएं सुनिश्चित की जाती हैं, तो खिर्सू का यह स्टेडियम आने वाले समय में पौड़ी गढ़वाल की नई खेल प्रतिभाओं के लिए अहम केंद्र बन सकता है।
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