
उत्तराखंड सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर एक अहम व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता बुजुर्गों का सम्मान और उनका कल्याण सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से वृद्धावस्था पेंशन योजना में ऐसा प्रावधान किया गया है, जिसके तहत पात्र बुजुर्ग दंपतियों को अब अलग-अलग वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र पति और पत्नी, दोनों को अलग-अलग वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है और उनके लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी बढ़ा है।
पहले वृद्धावस्था पेंशन से जुड़ी व्यवस्थाओं में पात्र दंपतियों के लिए अलग-अलग लाभ को लेकर कई स्तरों पर सीमाएं रही हैं। उत्तराखंड सरकार ने अब पात्रता पूरी करने वाले पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन देने की व्यवस्था की है। इसका सीधा फायदा उन बुजुर्ग दंपतियों को मिलेगा, जहां पति और पत्नी दोनों वृद्धावस्था पेंशन के लिए निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं। यानी पात्र होने पर केवल परिवार या दंपति के एक सदस्य तक पेंशन सीमित नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने इसे वरिष्ठ नागरिकों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
वृद्धजनों का सम्मान और कल्याण हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से वृद्धावस्था पेंशन योजना में ऐसा प्रावधान किया गया है, जिससे पात्र दंपतियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
अब पात्र पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। इस व्यवस्था से… pic.twitter.com/Z89dTDtPwT— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 29, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान और उनका कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उम्र बढ़ने के साथ नियमित आय के साधन सीमित होने की स्थिति में पेंशन जैसी योजनाएं बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनती हैं। अलग-अलग पेंशन मिलने से पात्र पति-पत्नी को अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी। दवाइयों, दैनिक खर्च और दूसरी जरूरी जरूरतों के लिए मिलने वाली यह नियमित सहायता उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता के स्तर को बेहतर करने में मदद कर सकती है।
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। बड़ी संख्या में परिवारों के सदस्य रोजगार के लिए दूसरे शहरों या राज्यों में रहते हैं। ऐसे में बुजुर्गों के लिए नियमित सरकारी सहायता की भूमिका और बढ़ जाती है। वृद्धावस्था पेंशन योजना इसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। पात्र पति-पत्नी दोनों को लाभ देने की व्यवस्था से सरकार का फोकस केवल पेंशन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार के बुजुर्ग सदस्यों को नियमित वित्तीय सहायता देने पर भी है।
मुख्यमंत्री धामी के मुताबिक, नई व्यवस्था के जरिए राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। सरकार का उद्देश्य पात्र बुजुर्गों को योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना और उनकी सामाजिक सुरक्षा मजबूत करना है। इस फैसले का सबसे सीधा असर उन बुजुर्ग दंपतियों पर पड़ता है, जिनमें पति और पत्नी दोनों योजना की पात्रता रखते हैं। दोनों को अलग-अलग पेंशन मिलने से परिवार को मिलने वाली कुल सामाजिक सुरक्षा सहायता भी बढ़ती है।
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