Uttarakhand Religious Tourism: उत्तराखंड बन रहा आध्यात्मिक राजधानी, चारधाम से कैंची धाम तक उमड़ा सैलाब

Published : Aug 04, 2026, 10:04 AM IST
uttarakhand Religious Tourism

सार

उत्तराखंड में चारधाम, कैंची धाम, जागेश्वर और आदि कैलाश समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है।

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रही है। इस दिशा में राज्य के प्राचीन और प्रमुख मंदिरों का विकास किया जा रहा है, वहीं तीर्थ स्थलों पर सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को भी मजबूत बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड तेजी से वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा संकेत राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या है।

उत्तराखंड के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

वर्ष 2026 की पहली छमाही में राज्य के कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर भक्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अल्मोड़ा स्थित जागेश्वर धाम और रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग ढाई गुना तक बढ़ गई है। वहीं चम्पावत के पूर्णागिरि धाम में करीब डेढ़ गुना और श्रीनगर स्थित धारी देवी मंदिर में लगभग दोगुनी संख्या में भक्त पहुंचे हैं। यह बढ़ता धार्मिक पर्यटन राज्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

मानसखंड मंदिरमाला मिशन से कुमाऊं के मंदिरों को मिलेगा नया स्वरूप

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और विकास के लिए "मानसखंड मंदिरमाला मिशन" को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सड़क संपर्क, परिवहन सेवाओं और तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।

चारधाम यात्रा ने बनाए नए रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों का असर सिर्फ चारधाम तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इस वर्ष चारधाम यात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यात्रा के शुरुआती 105 दिनों में ही 45 लाख 84 हजार 375 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

जागेश्वर धाम, पूर्णागिरि और धारी देवी में बढ़ी भक्तों की भीड़

उत्तराखंड पर्यटन विभाग की जनवरी-जून 2026 रिपोर्ट के अनुसार, जागेश्वर धाम में इस वर्ष 1 लाख 74 हजार 119 श्रद्धालु पहुंचे। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 67 हजार 875 थी। पूर्णागिरि धाम में जून 2026 तक 20 लाख 91 हजार 788 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 14 लाख 35 हजार 290 था। इसी तरह धारी देवी मंदिर में इस साल 5 लाख 42 हजार 626 भक्तों ने दर्शन किए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 2 लाख 83 हजार 275 थी।

त्रियुगीनारायण मंदिर में भी दिखा आस्था का बड़ा उछाल

रुद्रप्रयाग जिले के प्रसिद्ध त्रियुगीनारायण मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2026 की पहली छमाही में यहां 3 लाख 40 हजार 385 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि 2025 में यह संख्या 1 लाख 36 हजार 120 थी।

ऋषिकेश के आसपास के क्षेत्र बने नए पर्यटन आकर्षण

टिहरी जिले में ऋषिकेश के निकट स्थित मुनि की रेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र भी तेजी से लोकप्रिय पर्यटन केंद्र बनकर उभरे हैं। जनवरी से जून 2026 के दौरान इन इलाकों में 15 लाख 97 हजार 439 पर्यटक पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 13 लाख 62 हजार 600 थी। इसके अलावा रुद्रप्रयाग के कार्तिक स्वामी मंदिर और टिहरी के सुरकंडा देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

यमुनोत्री धाम में टूटा पुराना रिकॉर्ड

उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम तक पहुंचने के लिए कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद इस बार यहां रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। 2 अगस्त तक यात्रा सीजन में 6 लाख 54 हजार 958 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम के दर्शन किए। इससे पहले 2025 में 6 लाख 44 हजार 637, 2024 में 5 लाख 15 हजार 67, 2023 में 5 लाख 60 हजार 918, 2022 में 6 लाख 21 हजार 504 और 2021 में 33 हजार 331 श्रद्धालु यहां पहुंचे थे।

बद्रीनाथ धाम में 100 दिनों में पहुंचे 15 लाख से अधिक श्रद्धालु

बद्रीनाथ यात्रा ने 31 जुलाई को अपने 100 दिन पूरे किए। इस दौरान 15 लाख 52 हजार 21 श्रद्धालुओं ने धाम के दर्शन किए। पिछले वर्ष इसी अवधि में 12 लाख 40 हजार 408 श्रद्धालु पहुंचे थे। यानी इस बार 3 लाख 11 हजार 613 अधिक श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ धाम में दर्शन किए हैं।

आदि कैलाश यात्रा में लगातार बढ़ रहा श्रद्धालुओं का रुझान

पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश धाम में भी इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। मात्र दो महीनों में 52 हजार 441 भक्तों ने यहां दर्शन किए। हालांकि मानसून के चलते 1 जुलाई से यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद आदि कैलाश के प्रति लोगों का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। 2022 से पहले यहां सालभर में 2 हजार से भी कम लोग पहुंचते थे। इसके बाद 2023 में 10 हजार 25, वर्ष 2024 में 29 हजार 352 और 2025 में 36 हजार 526 श्रद्धालु यहां पहुंचे। इस साल केवल दो महीनों में ही यह संख्या 52 हजार 441 तक पहुंच गई।

कैंची धाम में भी टूटे सभी पुराने रिकॉर्ड

नैनीताल जिले में स्थित बाबा नीम करोली महाराज के प्रसिद्ध कैंची धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। जनवरी से जून 2026 के बीच यहां 24 लाख 34 हजार 507 श्रद्धालु पहुंचे। अकेले जून महीने में 8 लाख 66 हजार से अधिक भक्तों ने धाम में दर्शन किए, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा माना जा रहा है।

आध्यात्मिक पर्यटन का नया केंद्र बन रहा उत्तराखंड

उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन और तीर्थ यात्राओं का तेजी से बढ़ता दायरा इस बात का संकेत है कि राज्य आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। चारधाम से लेकर कैंची धाम, जागेश्वर, आदि कैलाश और त्रियुगीनारायण जैसे स्थलों पर बढ़ती भीड़ यह दर्शाती है कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं का भरोसा उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों पर लगातार मजबूत हो रहा है।

PREV

उत्तराखंड के तीर्थ-पर्यटन केंद्रों, पहाड़ी इलाकों, मौसम, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ें। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी ज़िलों की रिपोर्ट्स के लिए Uttarakhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय और विस्तृत राज्य कवरेज यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

सीएम धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 FM का शुभारंभ, उत्तराखंड में स्थानीय रेडियो की बढ़ी प्रासंगिकता
Kedarnath Yatra 2026: यात्रा मार्ग पर नशे के खिलाफ रुद्रप्रयाग पुलिस का तगड़ा एक्शन