
उत्तराखंड को देश के प्रमुख Wedding Destination के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप डबल इंजन सरकार उत्तराखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक खूबियों को पर्यटन के नए अवसरों से जोड़ने पर जोर दे रही है।
सीएम धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देवभूमि की प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध नए Wedding Venues विकसित किए जाएंगे, ताकि राज्य में Wedding Tourism को बढ़ावा मिल सके। उनका कहना है कि उत्तराखंड में शादी जैसे विशेष आयोजनों के लिए ऐसे स्थान तैयार करने की संभावनाएं हैं, जहां प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय परंपराओं का अनुभव एक साथ मिल सके।
उत्तराखंड पहले से ही पहाड़ों, नदियों, जंगलों, धार्मिक स्थलों और शांत वातावरण के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। राज्य सरकार अब इसी पहचान को Destination Wedding Tourism से जोड़ने की कोशिश कर रही है। उत्तराखंड पर्यटन की 2023 नीति में भी Destination Weddings को पर्यटन का एक संभावनाशील क्षेत्र माना गया है। नीति में कहा गया है कि राज्य की प्राकृतिक लोकेशन और देश-विदेश में रहने वाले उत्तराखंड के लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए इस क्षेत्र में संभावनाएं हैं। इसके लिए निजी MICE venues के साथ मिलकर Destination Wedding Packages विकसित करने और उनका प्रचार करने की बात भी नीति में दर्ज है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दूरदर्शी विज़न के अनुरूप हमारी डबल इंजन सरकार उत्तराखंड को देश के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन्स के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। देवभूमि के प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण नए वेडिंग गंतव्यों को विकसित कर वेडिंग… pic.twitter.com/rVH9LfAQNm
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 24, 2026
Destination Wedding का असर सिर्फ आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रहता। शादी में शामिल होने वाले मेहमान कई दिनों तक संबंधित क्षेत्र में ठहर सकते हैं। इससे होटल, होमस्टे, स्थानीय परिवहन, खान-पान, इवेंट मैनेजमेंट और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को काम मिल सकता है। उत्तराखंड में होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए भी सरकारी योजनाएं संचालित हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार होमस्टे योजनाओं का उद्देश्य दूरस्थ पर्यटन क्षेत्रों में आवास सुविधाएं बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर पैदा करना है।
उत्तराखंड की पहचान सिर्फ प्राकृतिक पर्यटन तक सीमित नहीं है। राज्य को देवभूमि के रूप में भी जाना जाता है और यहां धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के कई प्रमुख केंद्र हैं। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत और पहाड़ी क्षेत्रों की अलग-अलग लोकेशन अपने-अपने तरीके से पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
सरकार का फोकस ऐसे पर्यटन मॉडल पर है जिसमें प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति का इस्तेमाल किया जाए, लेकिन साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिले। उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक जानकारी में भी राज्य के Spiritual, Nature, Cultural और Adventure Tourism को प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों के तौर पर रेखांकित किया गया है।
Wedding Tourism के लिए बड़े और व्यवस्थित venues, बेहतर accommodation और दूसरी सुविधाओं की जरूरत होगी। इसी वजह से राज्य की पर्यटन नीति में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने पर भी जोर है। सरकार की Tourism Policy 2023 sustainable tourism, private investment और स्थानीय रोजगार को बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई गई है।
यानी Wedding Destination के रूप में उत्तराखंड को विकसित करने की योजना केवल शादी के आयोजन तक सीमित नहीं है। इसके पीछे पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार को एक साथ बढ़ाने का मॉडल भी जुड़ा हुआ है।
सीएम धामी के ताजा बयान से साफ है कि राज्य सरकार उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन के नए क्षेत्रों में इस्तेमाल करना चाहती है। Destination Wedding इसी दिशा का एक हिस्सा है। अब चुनौती यह होगी कि नए Wedding Venues विकसित करते समय पहाड़ी पर्यावरण, स्थानीय संस्कृति और पर्यटन की बढ़ती मांग के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है। अगर सुविधाओं और स्थानीय भागीदारी पर साथ-साथ काम होता है, तो Wedding Tourism उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक नया बाजार बन सकता है।
उत्तराखंड के तीर्थ-पर्यटन केंद्रों, पहाड़ी इलाकों, मौसम, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ें। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी ज़िलों की रिपोर्ट्स के लिए Uttarakhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय और विस्तृत राज्य कवरेज यहीं।