AI ने बदली 13 साल की लड़की की दुनिया: Coding नहीं आती, AI से बनाया ऐप-3 दिन में कमाए ₹2.5 लाख

Published : Sep 01, 2026, 10:48 AM IST
13 year old chinese girl builds ai app

सार

चीन की 13 वर्षीय लड़की ने बिना कोडिंग के AI से एक ऐप बनाया। यह ऐप पढ़ाई के दौरान बच्चों पर वर्चुअल पेरेंट की तरह नज़र रखता है। उसने 3 दिन में इस ऐप से ₹2.5 लाख की कमाई की।

उम्र सिर्फ 13 साल और प्रोग्रामिंग का कोई ज्ञान नहीं, लेकिन चीन की एक लड़की ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एक ऐसा ऐप बनाया है, जिससे उसने सिर्फ 3 दिन में करीब 18,000 युआन यानी लगभग 2.5 लाख रुपये कमा लिए हैं। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, झू शुहान नाम की इस लड़की ने बच्चों की पढ़ाई पर निगरानी रखने वाला एक अनोखा ऐप तैयार किया है।

पढ़ाई से बच्चों का ध्यान भटकना, यहीं से आया आइडिया

शंघाई के एक जूनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाली झू शुहान ने गौर किया कि जब माता-पिता घर पर नहीं होते, तो बच्चे पढ़ाई पर ठीक से ध्यान नहीं लगा पाते। उनका ध्यान आसानी से भटक जाता है। बस, इसी समस्या का टेक्नोलॉजी से हल निकालने का आइडिया उसके दिमाग में आया। झू ने 'ज़ाई चांग' (Zai Chang) नाम का एक ऐप बनाया, जो पढ़ाई के वक्त बच्चों के लिए एक 'वर्चुअल मम्मी-पापा' की तरह काम करता है।

फोटो अपलोड करो और 'वर्चुअल पेरेंट' तैयार!

इस ऐप में पेरेंट्स को बस अपनी एक फोटो अपलोड करनी होती है। AI उस फोटो का इस्तेमाल करके एक वर्चुअल पेरेंट बना देता है। अगर बच्चा पढ़ाई छोड़कर मोबाइल पर गेम खेलने लगे या अपनी कुर्सी से उठकर चला जाए, तो ऐप का कैमरा इसे तुरंत पकड़ लेता है और वर्चुअल पेरेंट की आवाज़ में बच्चे को टोकता है। पढ़ाई का समय खत्म होने के बाद यह ऐप एक रिपोर्ट भी तैयार करता है, जिसमें बताया जाता है कि बच्चे ने कितनी देर तक ध्यान लगाकर पढ़ाई की।

बिना कोडिंग के कैसे बनाया ऐप?

सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि झू को कोडिंग बिल्कुल नहीं आती। उसने बस अपना आइडिया एक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) को समझाया और AI ने उसके लिए सारा कोड खुद तैयार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐप को डिजाइन करने से लेकर उसके मुख्य फंक्शन बनाने तक, यह पूरा काम सिर्फ तीन से चार दिनों में पूरा हो गया।झू का कहना है कि इस अनुभव से उसने सीखा कि अगर आपके पास एक अच्छा आइडिया है, तो AI उसे हकीकत में बदलने में आपकी मदद कर सकता है।

कॉम्पिटिशन में मिले 90 ऑर्डर, हुई ₹2.5 लाख की कमाई

झू ने 21 से 23 अगस्त तक हांगझोउ में हुए एक नेशनल AI प्रोडक्ट मार्केट कॉम्पिटिशन में अपना ऐप पेश किया। यहां 50 से ज़्यादा कंपटीटर्स के बीच उसे तीसरा इनाम मिला, जिसमें करीब 70,000 रुपये का कैश प्राइज भी शामिल था। इसी तीन दिन के इवेंट में उसके ऐप के लिए करीब 90 ऑर्डर आए, जिससे कुल 2.5 लाख रुपये की बिक्री हुई।

AI के दौर में बच्चों की नई सोच

झू की कहानी सिर्फ एक 13 साल की बच्ची की कामयाबी नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी सबूत है कि AI टूल्स की वजह से अब कोई भी टेक्नोलॉजी बना सकता है। झू का प्लान है कि अगर भविष्य में ऐप की मांग बढ़ती है तो वह इसे कम कीमत पर ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाएगी।

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