
नई दिल्ली: ग्लोबल टेक दिग्गज 'एप्पल' (Apple) ने हाल ही में अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन 'एप्पल आईफोन डुओ' (Apple iPhone Duo) लॉन्च किया है, जिसने भारतीय बाजार में तहलका मचा दिया है। इसकी प्री-बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू हो रही है और 23 अक्टूबर से यह फोन आधिकारिक तौर पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इसी बीच, एप्पल ने इस लग्जरी फोल्डेबल फोन की पूरी रिपेयरिंग कॉस्ट (Repair Costs) की लिस्ट जारी कर दी है।
इस फोन के कुछ पार्ट्स की रिपेयरिंग इतनी महंगी है कि ग्राहक उतने पैसों में सीधे नया 'एप्पल आईफोन 18 प्रो' (iPhone 18 Pro) खरीद सकते हैं। एप्पल ने 9 सितंबर 2026 को इस आईफोन डुओ को ग्लोबली लॉन्च किया था। भारत में इसकी शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है।
फोल्डेबल फोन के अंदरूनी डिस्प्ले पर लगी पतली कवर लेयर से लेकर इसके मुख्य पार्ट्स तक, एप्पल ने रिपेयरिंग के जो रेट तय किए हैं, वो इस प्रकार हैं:
| रिपेयर/सर्विस की जानकारी (Repair Service) | रिपेयरिंग का खर्च (रुपये में) |
| कवर लेयर डैमेज (Cover layer damage) | ₹5,900 |
| बैक ग्लास डैमेज (Back glass damage) | ₹20,900 |
| बैटरी सर्विस (Battery service) | ₹24,900 |
| रियर कैमरा डैमेज (Rear camera damage) | ₹26,900 |
| आउटर डिस्प्ले डैमेज (Outer display damage) | ₹42,900 |
| आउटर डिस्प्ले और बैक ग्लास (Outer display & back glass) | ₹55,900 |
| इनर डिस्प्ले डैमेज (Inner display damage) | ₹1,49,900 |
| अन्य बड़ा नुकसान/जटिल रिपेयर (Other damage) | ₹2,24,900 |
एप्पल ने ग्राहकों को सख्त हिदायत दी है कि वे अंदरूनी फोल्डेबल डिस्प्ले पर लगी 'कवर लेयर' को किसी भी हाल में न हटाएं। अगर यह खराब होती है, तो इसे बदलने का खर्च ₹5,900 आएगा। वहीं, अगर मेन इनर डिस्प्ले (Inner Display) खराब हो जाता है, तो आपको इसे बदलवाने के लिए पूरे ₹1,49,900 चुकाने होंगे। अगर फोन में कोई ऐसा बड़ा नुकसान (Other Damage) होता है जो लिस्ट में नहीं है या काफी जटिल है, तो ग्राहकों को ₹2,24,900 का भारी-भरकम बिल चुकाना पड़ेगा!
बाकी देशों की तुलना में भारत में आईफोन डुओ की मूल कीमत और रिपेयरिंग का खर्च, दोनों ही बहुत ज्यादा हैं। उदाहरण के लिए, दुबई में इसकी शुरुआती कीमत AED 8,499 (करीब ₹2,20,000) है, जबकि अमेरिका (USA) में यह $1,999 (करीब ₹1,90,000) में मिल रहा है।
कीमतों में इस बड़े अंतर की मुख्य वजह एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी है। एप्पल इस आईफोन डुओ को सिर्फ चीन की फॉक्सकॉन (Foxconn) फैक्ट्री में असेंबल करता है। फोल्डेबल डिस्प्ले और इसके जटिल हिंज सिस्टम (Hinge System) को बनाना काफी मुश्किल है, इसलिए इसका पूरा प्रोडक्शन चीन में ही हो रहा है। भारत समेत अन्य देशों में एप्पल इसे 'कम्प्लीटली बिल्ट यूनिट' (CBU) के रूप में इम्पोर्ट करता है। इसकी वजह से इस पर भारी इम्पोर्ट ड्यूटी (Import Duties) और टैक्स लगते हैं। इस इम्पोर्ट ड्यूटी का असर फोन के स्पेयर पार्ट्स पर भी पड़ता है, जिससे रिपेयरिंग का खर्च 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
भारत में हाल ही में लॉन्च हुए एप्पल के 'आईफोन 18 प्रो' (iPhone 18 Pro) की शुरुआती कीमत ₹1,64,900 है। ऐसे में टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईफोन डुओ के 'अन्य डैमेज' के लिए ₹2,24,900 या इनर डिस्प्ले के लिए ₹1,49,900 खर्च करने से बेहतर है कि ग्राहक थोड़ा पैसा और मिलाकर बाजार से एकदम नया और प्रीमियम 'आईफोन 18 प्रो' ही खरीद लें। यह एक समझदारी भरा फैसला होगा।
नई तकनीक, AI अपडेट्स, साइबर सुरक्षा, स्मार्टफोन लॉन्च और डिजिटल नवाचारों की आसान और स्पष्ट रिपोर्टिंग पाएं। ट्रेंडिंग इंटरनेट टूल्स, ऐप फीचर्स और गैजेट रिव्यू समझने के लिए Technology News in Hindi सेक्शन पढ़ें। टेक दुनिया की हर बड़ी खबर तेज़ और सही — केवल Asianet News Hindi पर।