Truecaller से भी आगे निकलेगी BSNL की ये टेक्नोलॉजी, जल्द शुरू होगी नई सर्विस

Published : Mar 25, 2026, 03:31 PM IST
BSNL to Launch CNAP Service Soon May Work Better Than Truecaller

सार

Bsnl CNAP Service: BSNL जल्द ही CNAP यानी Caller Name Presentation सर्विस शुरू करने जा रहा है। इस फीचर के बाद मोबाइल पर कॉल आते ही कॉल करने वाले का असली नाम दिखाई देगा, भले ही नंबर फोन में सेव न हो। जानिए यह सर्विस कैसे काम करेगी।

BSNL New Service: आजकल मोबाइल पर आने वाली अनजान कॉल कई बार परेशानी बन जाती है। कई लोग डर या झुंझलाहट में कॉल उठाते ही नहीं, क्योंकि पता नहीं होता कि सामने कौन है। दूसरी तरफ स्पैम कॉल और ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

इसी समस्या को कम करने के लिए सरकारी टेलीकॉम कंपनी Bharat Sanchar Nigam Limited यानी BSNL एक नई तकनीक पर काम कर रही है। कंपनी जल्द ही CNAP (Caller Name Presentation) सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस सर्विस के शुरू होने के बाद यूजर्स को कॉल आने पर कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम भी दिखाई देगा, भले ही वह नंबर उनके फोन में सेव न हो।

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BSNL में CNAP सर्विस की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bharat Sanchar Nigam Limited ने इस तकनीक के लिए जरूरी सॉल्यूशन पहले ही डिप्लॉय कर दिया है। फिलहाल कंपनी अलग-अलग जोन में इसका इंटीग्रेशन कर रही है।

इंडस्ट्री से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, यह प्रक्रिया पूरी होने में अभी थोड़ा समय लग सकता है। अनुमान है कि इंटीग्रेशन पूरा होने के 3 से 4 महीने के अंदर CNAP सर्विस का पूरा रोलआउट कर दिया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि निजी टेलीकॉम कंपनियां जैसे Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea पहले ही इस तरह की सुविधा शुरू कर चुकी हैं।

 

 

CNAP सर्विस क्या है और कैसे काम करती है?

CNAP का मतलब है Caller Name Presentation। इसका आसान मतलब है कि जब भी कोई कॉल आएगी तो सिर्फ नंबर ही नहीं, बल्कि कॉल करने वाले का नाम भी स्क्रीन पर दिखाई देगा। यह सुविधा काफी हद तक उस फीचर जैसी है जो Truecaller जैसे ऐप में देखने को मिलती है। लेकिन दोनों के काम करने का तरीका अलग है।

Truecaller और CNAP में क्या फर्क है?

Truecaller जैसे थर्ड-पार्टी ऐप आमतौर पर क्राउडसोर्स्ड डेटा का इस्तेमाल करते हैं। यानी यूजर्स के फोनबुक से इकट्ठा किए गए डेटा के आधार पर नाम दिखाया जाता है। कई बार इस वजह से गलत नाम भी दिखाई दे सकता है। वहीं CNAP सर्विस में नाम KYC (Know Your Customer) के दौरान टेलीकॉम कंपनी को दिए गए आधिकारिक रिकॉर्ड से लिया जाता है। इसका मतलब है कि स्क्रीन पर वही नाम दिखेगा जो सिम कार्ड लेते समय दस्तावेजों में दर्ज किया गया था। इसलिए इस सर्विस को ज्यादा भरोसेमंद माना जा रहा है।

स्पैम कॉल और ऑनलाइन ठगी रोकने की कोशिश

पिछले कुछ समय में स्पैम कॉल, फर्जी बैंक कॉल और डिजिटल ठगी के मामलों में तेजी आई है। कई मामलों में लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए तरीकों से डराकर पैसे ठगे गए हैं। टेलीकॉम सेक्टर में विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कॉल आते समय यूजर को सामने वाले का असली नाम दिख जाए, तो ऐसे कई मामलों में लोगों को पहले ही सतर्क होने का मौका मिल सकता है। इसी वजह से CNAP जैसी सेवाओं को शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

यूजर्स को क्या फायदा होगा

अगर Bharat Sanchar Nigam Limited की CNAP सर्विस पूरी तरह लागू हो जाती है, तो यूजर्स को कई फायदे मिल सकते हैं:

  • अनजान नंबर से आने वाली कॉल की पहचान आसानी से होगी
  • स्पैम और फर्जी कॉल से बचाव में मदद मिल सकती है
  • फोन में नंबर सेव न होने पर भी कॉलर की जानकारी मिल जाएगी

टेलीकॉम सेक्टर में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में मोबाइल कॉलिंग को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बना सकता है।

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