Gemini Free Users को बड़ा झटका! 9 अक्टूबर से बंद होगा Flash और Pro मॉडल का फ्री एक्सेस

Published : Oct 06, 2026, 12:00 PM IST
Gemini Free Users को बड़ा झटका! 9 अक्टूबर से बंद होगा Flash और Pro मॉडल का फ्री एक्सेस

सार

Gemini Free Users: 9 अक्टूबर से गूगल जेमिनी के फ्री यूजर्स को सिर्फ फ्लैश-लाइट मॉडल मिलेगा। कठिन सवालों पर यूसेज लिमिट जल्दी घटेगी। प्रो यूजर्स को डीप थिंक फीचर मिलेगा। गूगल जेमिनी 4 आर्गन की टेस्टिंग भी कर रहा है।

Google Gemini New Rules: गूगल ने जेमिनी (Gemini) यूजर्स के लिए नए नियमों का ऐलान किया है। 9 अक्टूबर से फ्री में जेमिनी इस्तेमाल करने वालों को सिर्फ 'फ्लैश-लाइट' (Flash-Lite) मॉडल का ही एक्सेस मिलेगा। इसका मतलब है कि फ्री यूजर्स के लिए 'फ्लैश' (Flash) और 'प्रो' (Pro) मॉडल की सर्विस अब बंद हो जाएगी।

फ्री यूजर्स पर लगेगी लगाम

गूगल की नई अपडेट के मुताबिक, जिन यूजर्स के पास एआई (AI) सब्सक्रिप्शन नहीं है, उन्हें 9 अक्टूबर से सिर्फ फ्लैश-लाइट मॉडल से ही काम चलाना होगा। ज्यादा पावरफुल फ्लैश और प्रो मॉडल अब फ्री टियर से हटा दिए जाएंगे। इसके अलावा 4.99 डॉलर (करीब 500 रुपये) महीने वाले एआई प्लान में भी बदलाव हुआ है। इस प्लान वाले यूजर्स को फ्लैश-लाइट और फ्लैश मॉडल तो मिलते रहेंगे, लेकिन प्रो मॉडल का सपोर्ट अब नहीं मिलेगा। यह बदलाव आपके अकाउंट पर कब से लागू होगा, इसकी जानकारी गूगल ईमेल के जरिए देगा।

मुश्किल सवालों पर खर्च होगी ज्यादा लिमिट

गूगल ने जेमिनी की यूसेज लिमिट तय करने के तरीके में भी बदलाव किया है। अब हर सवाल पर खर्च होने वाली कंप्यूटिंग पावर के हिसाब से लिमिट तय होगी। अगर आप मुश्किल सवाल पूछते हैं, लंबी चैट करते हैं या हैवी मॉडल का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी यूसेज लिमिट बहुत जल्दी खत्म हो जाएगी।

प्रो यूजर्स को मिलेगा 'डीप थिंक'

दूसरी तरफ, प्रो यूजर्स के लिए अच्छी खबर है। अब तक सिर्फ सबसे महंगे एआई अल्ट्रा (AI Ultra) प्लान में मिलने वाला 'डीप थिंक' (Deep Think) फीचर अब एआई प्रो (AI Pro) यूजर्स को भी मिलेगा। यह सुविधा 19.99 डॉलर (करीब 1,900 रुपये) महीने वाले एआई प्रो प्लान में दी जा रही है। डीप थिंक एक ऐसी तकनीक है जो मुश्किल सवालों को सुलझाने के लिए एक साथ कई रीजनिंग प्रोसेस का इस्तेमाल करती है। यह प्रो मॉडल की मदद से काम करता है।

रीजनिंग पावर चुनने का नया ऑप्शन

गूगल जेमिनी ऐप में एक नया फीचर भी टेस्ट कर रहा है। इसमें यूजर्स खुद तय कर सकेंगे कि किसी सवाल का जवाब देने के लिए कितनी कंप्यूटिंग पावर का इस्तेमाल करना है। इसके लिए 'लो' (Low), 'मीडियम' (Medium) और 'हाई' (High) जैसी तीन रीजनिंग सेटिंग्स मिलेंगी। अगर आप हाई सेटिंग चुनते हैं, तो ज्यादा कंप्यूटिंग पावर लगेगी और आपकी यूसेज लिमिट भी तेजी से घटेगी।

जेमिनी 4 आर्गन की टेस्टिंग शुरू

इन सबके बीच, गूगल अपने नेक्स्ट जनरेशन मॉडल 'जेमिनी 4 आर्गन' (Gemini 4 Argon) की टेस्टिंग भी कर रहा है। 'फेयरविंड' (Fairwind) प्रोजेक्ट के तहत अभी इसे सिर्फ कुछ चुने हुए साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स को टेस्टिंग के लिए दिया गया है। बाद में गूगल इसे पेड एपीआई (API) यूजर्स और एआई अल्ट्रा यूजर्स के लिए भी रोलआउट करेगा। हालांकि, गूगल ने अभी यह साफ नहीं किया है कि आर्गन मॉडल एआई प्रो प्लान का हिस्सा होगा या फिर इसके लिए कोई नया और महंगा प्लान लाया जाएगा।

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