
नई दिल्ली: जब दुनिया के कई देश नई पीढ़ी के हथियार अपना रहे हैं, ठीक उसी वक्त कर्नाटक के बेलगावी की एक कंपनी 'कार्बाइन सिस्टम्स' ने हॉलीवुड की 'स्टार वॉर्स' जैसा एक लेज़र हथियार बनाकर उसका सफल परीक्षण किया है। इसके साथ ही, यह ऐसा हथियार बनाने वाली देश की पहली प्राइवेट कंपनी बन गई है।
बेलगावी के एयरोस्पेस और डिफेंस स्टार्टअप 'कार्बाइन सिस्टम्स' ने लेज़र से टारगेट को तबाह करने वाले हथियार 'हाइपर एम्प्लीफिकेशन रेडिएंट ऐरे' (हारा एमके-1) का इंडोर टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कार्बाइन सिस्टम्स कंपनी की शुरुआत 2023 में बेलगावी के रहने वाले दो भाइयों, गिरीश जोशी और केदार जोशी ने की थी।
यह एक ऐसा उपकरण है जिसे एक टेबल पर रखा जा सकता है और इसे 10 किलोवॉट की लेज़र लाइट निकालने के लिए तैयार किया गया है। छोटी-छोटी लेज़र किरणों को मिलाकर एक शक्तिशाली बीम बनती है, जो गर्मी पैदा करके बिना किसी गोली के अपने टारगेट को नष्ट कर देती है। इस तकनीक का इस्तेमाल करके 1-2 किलोमीटर दूर मौजूद ड्रोन और मिसाइलों को भी तबाह किया जा सकता है।
आमतौर पर ऐसे आधुनिक उपकरण बड़ी कंपनियाँ या DRDO बनाती हैं। लेकिन कार्बाइन ने लेज़र जैसा अत्याधुनिक हथियार बिना किसी सरकारी मदद के बनाया है। 'मेक इन इंडिया' को और मजबूती देने वाले इस हथियार का नाम भगवान शिव के नाम पर 'हरा' रखा गया है, जिसका मतलब 'विनाशक' होता है।
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